VIVEKI RAI

जन्म : 19 नवंबर, 1924, गाँव-भरौली, जिला-बलिया (उ.प्र.)। काव्य : अर्गला, रजनी गंधा, यह जो है गायत्री । कहानी संग्रह : जीवन परिधि, गूँगा जहाज, नई कोयल, कालातीत, बेटे की बिक्री, चित्रकूट के घाट पर, विवेकी राय की श्रेष्‍ठ कहानियाँ । उपन्यास : बबूल, पुरुष पुराण, लोकऋण, श्‍वेतपत्र, सोनामाटी, समर शेष है, मंगल भवन, नमामि ग्रामम् अमंगलहारी । ललित निबंध : फिर बैतलवा डाल पर, जलूस रुका है, गँवई गंध गुलाब, मनबोध मास्टर की डायरी, नया गाँवनामा, मेरी श्रेष्‍ठ व्यंग्य रचनाएँ, आम रास्ता नहीं है, जगत् तपोवन सो कियो । निबंध और शोध समीक्षा : त्रिधारा, गाँवों की दुनिया, किसानों का देश, अध्ययन आलोक, स्वातंत्र्योत्तर कथा -साहित्य और ग्राम-जीवन, हिंदी। उपन्यास : उत्तरशती की उपलब्धियाँ, हिंदी कहानी : समीक्षा और संदर्भ, समकालीन हिंदी उपन्यास, हिंदी उपन्यास : विविध आयाम, आस्था और चिंतन। भोजपुरी साहित्य : के कहल चुनरी रँगाल (ललित निबंध), जनता के पोखरा (काव्य), भोजपुरी कथा- साहित्य के विकास (समीक्षा), ओझइती (कहानी संग्रह), गंगा-जमुना-सरस्वती (विविध विधा), अड़बड़ भइया की भोजपुरी चिट्ठी (फीचर) ।

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