SURESH SALIL AND MADHU SHARMA

सुरेश सलिल कवि, अनुवादक, गद्यकार। प्रकाशित कृतियाँ : (कविता) करोड़ों किरनों की ज़िन्दगी का नाटक सा, भीगी हुई दीवार पर रोशनी, खुले में खड़े होकर, मेरा ठिकाना क्या पूछो हो, रंगतें, (अनुवाद) रोशनी की खिड़कियाँ : बीसवीं सदी की विश्व कविता, लोर्का की कविताएँ, पाब्लो नेरूदा : प्रेम कविताएँ, देखेंगे उजले दिन (नाज़िम हिकमत की कविताएँ), नाज़िम हिकमत की प्रेम कविताएँ, निकोलास गीय्येन की कविताएँ, इशिकावा ताकुबोकु की कविताएँ, (गद्य) पढ़ते हुए, इतिहास का वर्तमान, गणेश शंकर विद्यार्थी (जीवनी), (सम्पादन) गणेश शंकर विद्यार्थी रचनावली (4 खंड), गणेश शंकर विद्यार्थी और उनका युग। मधु शर्मा कवि, अनुवादक, समीक्षक। प्रकाशित कृतियाँ : (कविता) इसी धरती पर है ये दुनिया, ये लहरें घेर लेती हैं, जहाँ रात गिरती है, खत्म नहीं होतीं यात्राएँ, धूप अभी भी, बीते बसंत की खुश्बू। (अनुवाद) पाब्लो नेरूदा : प्रेम कविताएँ, टुआ फॉस्ट्रार्म की कविताएँ, ओना नो कोमाची-इज़ुमि शिकुबु (जापानी) की कविताएँ। (समीक्षा) शमशेर और नयी सदी। 31 मार्च 2013 को निधन।

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Books by SURESH SALIL AND MADHU SHARMA