SHATRUGHNA PRASAD

जन्म : 1931 छपरा, बिहार। मगध विश्वविद्यालय के अंगीभूत किसान कॉलेज, सोहसराय (नालन्दा) में सन् 1957 से1992 तक हिन्दी साहित्य का अध्यापन। पास के सुप्रसिद्ध नालन्दा विद्यापीठ के खंडहर को देख भारतीय शन प्रताद इतिहास की पीड़ा की गहरी अनुभूति की। फलतः ऐतिहासिक उपन्यास के लेखन का संकल्प। प्रमुख कृतियाँ : ‘सिद्धियों के खंडहर', 'शिप्रा साक्षी है', 'हेमू का संघर्ष : एवं बलिदान', 'सुनो भाई साधो', 'तुंगभद्रा पर सूर्योदय', 'कश्मीर की बेटी', 'अरावली का मुक्त शिखर' और 'शहज़ादा दाराशिकोह : दहशत का दंश'।

SHATRUGHNA PRASAD