NAMITA GOKHALE

नमिता गोखले प्रख्यात भारतीय लेखिका, साहित्यकार व प्रकाशक हैं। भारतीय साहित्य के पाठ्यक्रम में पक्षपात को समाप्त करने में संघर्षशील, नमिता गोखले सकारात्मक विरोध की प्रतीक के रूप में जानी जाती हैं। कॉलेज छोड़ने के तुरन्त बाद नमिता गोखले ने वर्ष 1977 के अन्त में ‘सुपर’ नाम की फिल्मी पत्रिका प्रकाशित की। उनका पहला उपन्यास ‘पारो: ड्रीम्स ऑफ पैशन’ अपनी बेबाकी और स्पष्ट यौन मनोवृत्ति के कारण काफी विवादों में रहा। भारतीय साहित्य के प्रसिद्ध नीमराणा अन्तरराष्ट्रीय महोत्सव और अफ्रीका एशिया साहित्य सम्मेलन शुरू करने का श्रेय उनको ही जाता है। गोखले जयपुर साहित्योत्सव की भी सह-संस्थापक हैं। साथ ही भूटान के साहित्यिक समारोह की सलाहकार भी हैं। वह ‘यात्रा-बुक्स’ की सह-संस्थापक हैं। ‘पारो: ड्रीम्स ऑफ पैशन’, ‘हिमालयन लव स्टोरी’, ‘द बुक ऑफ शाडौस’, ‘शकुन्तला: द प्ले ऑफ मेमोरी’, ‘प्रिया इन इनक्रेडिबल इण्डिया’, ‘द बुक ऑफ शिवा’, ‘द महाभारत’ और ‘इन सर्च ऑफ सीता’ उनकी प्रमुख कृतियाँ हैं।

NAMITA GOKHALE