CAROL BARKER TRANSLATED BY PURVA YAGNIK KUSHWAHA

कैरल बार्कर अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सुप्रसिद्ध लेखिका व चित्राकार हैं जिन्होंने बालकों के लिए कई पुस्तकों की रचना की है। 1977 में कैरल, ऑक्सफैम के आमंत्राण पर राजस्थान आईं ताकि वे एक पुस्तक के लिए ज़मीनी शोध कर सकें। समाजकार्य एवं अनुसंधान केंद्र (एस.डब्ल्यू.आर.सी) तिलोनियां, जो अब बेयर फुट कॉलेज नाम से प्रसिद्ध है, में कैरल रुकीं। उनका मूल मकसद था एस.डब्ल्यू.आर.सी. के ग्रामीण विकास कार्यक्रमों का अध्ययन कर उनका दस्तावेज बनाना। उन्होंने संस्था के स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा तथा हस्तशिल्प सम्बन्धी ग्रामीण विकास कार्यक्रमों का अध्ययन तथा उनका दस्तावेजीकरण किया। इस दौरान वे तिलोनियाँ तथा आसपास के गाँवों के लोगों व उनकी संस्कृति से इस कदर प्रभावित हुईं कि उन्होंने तय किया कि वे और शोध कर तिलोनियां गाँव में रहने वाले एक बालक तथा पारंपरिक ग्रामीण जीवन पर एक पुस्तक की रचना करेंगी। अतः कैरल ने तिलोनियां के लोगों के स्केच बनाये, फोटो खींचे, उनसे साक्षात्कार किये।

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Books by CAROL BARKER TRANSLATED BY PURVA YAGNIK KUSHWAHA