Ganesh Pandey

सनद के मुताबिक 13 जुलाई 1955 को तेतरी बाजार, सिद्धार्थनगर (तत्कालीन जनपद बस्ती) में जन्म। आरम्भिक शिक्षा वहीं और आसपास। किशोर जीवन से ही साहित्य में गहरी दिलचस्पी। उच्चशिक्षा के लिए गोरखपुर आगमन। गोरखपुर विश्वविद्यालय से हिन्दी में एम.ए. की उपाधि हासिल और यहीं से ‘आठवें दशक की हिन्दी कहानी में ग्रामीण जीवन’ विषय पर डॉक्टरेट। जीविका की शुरुआत में कुछ वक्त पत्राकारिता से सम्बद्ध। कुछ समय उद्योग विभाग में सहायक प्रबन्धक के रूप में सरकारी नौकरी। सन् 1987 में गोरखपुर विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग में प्राध्यापक के रूप में नियुक्ति, तब से यहीं। सम्प्रति प्रोफेसर के पद पर कार्यरत। विश्वविद्यालय में पूर्व अधिष्ठाता छात्राकल्याण और शिक्षक राजनीति में लोकतान्त्रिाक मूल्यों के लिए लम्बे संघर्ष के फलस्वरूप यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष के रूप में भी योगदान। साहित्यिक पत्रिका ‘यात्रा’ का सम्पादन। इंटरनेट पर ब्लॉग। प्रकाशित कृतियाँ: अटा पड़ा था दुख का हाट, जल में, जापानी बुखार, परिणीता (कविता संग्रह); अथ ऊदल कथा, रीफ (उपन्यास); पीली पत्तियाँ (कहानी संग्रह); रचना, आलोचना और पत्राकारिता, आलोचना का सच (आलोचना); आठवें दशक की हिन्दी कहानी (शोध)।

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