Hari Om

हरिओम जन्म : 15 जुलाई 1971, अमेठी (उत्तर प्रदेश) के कठारी गाँव में। शिक्षा : हिन्दी साहित्य से एम. ए., एम.फिल. और पीएच.डी. (क्रमशः इलाहाबाद, जवाहरलाल नेहरू और गढ़वाल विश्वविद्यालय से)। अन्तरराष्ट्रीय सामाजिक अध्ययन संस्थान (द हेग, नीदरलैंड) से गवर्नेस, पब्लिक पॉलिसी एंड पोलिटिकल इकॉनामी में एम.ए.। कार्यक्षेत्र/पद : भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1997 बैच के अधिकारी (उत्तर प्रदेश कैडर)। प्रदेश के 11 जिलों (इलाहाबाद, कानपुर, गोरखपुर, सहारनपुर, मुरादाबाद, मिर्जापुर आदि) में कलेक्टर जिलाधिकारी रहे। फिलहाल उत्तर प्रदेश सरकार में सचिव स्तर के अधिकारी। प्रकाशन : 'धूप का परचम' (ग़ज़ल), 'अमरीका मेरी जान' (कहानियाँ), 'कपास के अगले मौसम में' (कविताएँ), इसके अलावा विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में ग़ज़ल, कविताएँ, कहानियाँ और वैचारिक लेख प्रकाशित। “रीथिंकिंग द रोल ऑफ़ इनफार्मेशन एजुकेशन एंड कम्युनिकेशन इन पार्टिसिपेटरी रूरल सैनिटेशन इन उत्तर प्रदेश : असेसिंग पॉसिबल पॉलिसी लेसंस फ्रॉम बांग्लादेश” विषयक शोध-कार्य यूनीसेफ (उत्तर प्रदेश इकाई) और जर्मन के ग्लोब एडिट प्रकाशन द्वारा प्रकाशित। साहित्य के अलावा संगीत में गहरी दिलचस्पी। एक ग़ज़ल गायक के रूप में फ़ैज़ की ग़ज़लों का एक एलबम 'इन्तिसाब' नाम से गाया है। दूसरा एलबम 'रोशनी के पंख' भी ख़ासा चर्चित रहा। इसके अलावा कई एकल गाने भी गाये। आकाशवाणी और दूरदर्शन से लगातार ग़ज़लें-गीत और साक्षात्कार प्रसारित। सम्मान : अब तक साहित्यिक और सांस्कृतिक योगदान के लिए फ़िराक़ सम्मान, राजभाषा अवार्ड और अवध का प्रतिष्ठित तुलसी श्री सम्मान मिल चुके हैं।

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