Dr. Umakant Gupt

जन्म: 02 फरवरी, 1947, सागर (मध्यप्रदेश)। शिक्षा: सागर विश्वविद्यालय से आधुनिक इतिहास में एम.ए. और एल.एल.बी.। व्यवसाय: एडीशनल कमिश्नर (सह.) के पद से सेवानिवृत्ति के बाद स्वाध्यायी लेखन। विदेश यात्रा: यू.एस.ए., कनाडा, इंग्लैण्ड, नार्वे, स्वीडन, डेनमार्क, जर्मनी, बेल्जियम, मॉरीशस, दुबई, मलेशिया,थाईलैण्ड, सिंगापुर के अलावा श्रीलंका, नेपाल आदि देशों की यात्रा। प्रकाशन: पहली कहानी ‘न्यायाधीश’ सन् 1985 में ‘साक्षात्कार’ में प्रकाशित। इसके अलावा ‘हंस’, ‘कथन’, ‘कथादेश’, ‘वागर्थ’, ‘साक्षात्कार’, ‘शुक्रवार’, ‘रचना समय’, ‘वर्तमान साहित्य’, ‘वसुधा’, ‘कादम्बिनी’, ‘प्रेरणा’, ‘पहले-पहल’ आदि अनेक पत्र-पत्रिकाओं में कहानियों का प्रकाशन। गद्य-विधा की अनेक महत्त्वपूर्ण कृतियों पर आलोचना-कर्म। पहला कथा संग्रह ‘खेलणपुर और अन्य कहानियाँ’ व्यापक रूप से चर्चित। दूसरा संग्रह ‘इस्तगासा’ वर्ष2004 में प्रकाशित। अन्य उपक्रम: हिन्दी के जाने-पहचाने लेखकों के अलावा नये रचनाकारों को आगे लाने और मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मित्रागण के सहयोग से वर्ष 1994 से भोपाल में साहित्य गोष्ठियों में लगभग114 कवि, कथाकारों, नाट्यलेखकों और आलोचकों के कार्यक्रम आयोजित किये। विभिन्न साहित्यिक संस्थाओं और उपक्रमों से जुड़ाव और सहभागिता। सम्मान: ‘साक्षात्कार’ में प्रकाशित ‘बलि’ एवं अन्य छोटी कहानियों के लिए ‘स्व. रमाकांत स्मृति कहानी पुरस्कार’; म.प्र. लेखक संघ का ‘सारस्वत सम्मान’; म.प्र. हिन्दी साहित्य सम्मेलन का ‘वागीश्वरी सम्मान’; अभिनव कला परिषद् का ‘अभिनव शब्द शिल्पी सम्मान’ एवं अन्य स्थानीय सम्मान ।

Dr. Umakant Gupt