Vinit Bansal

औपचारिक रूप से ख़ुद कहीं से लिखना नहीं सीखा पर यूनिवर्सिटीज़ और कॉलेजों में विद्यार्थियों को लेखन-कला के गुर सिखाने जाते हैं। अंग्रेज़ी में और हिन्दी में 2 किताबें लिख चुके हैं। 2 किताबों पर काम जारी है। महाबली खली के साथ मिलकर उनकी जीवनी लिख चुके हैं। और भी कई नामचीन हस्तियों के साथ काम किया है और कर रहे हैं। जल्द ही टी.वी. स्क्रिप्ट लेखन में भी हाथ आजमाने आ रहे हैं। यूँ तो भारतीय स्टेट बैंक में ऑफिसर हैं पर इतना लिखने और पढ़ने का समय कहाँ से निकालते हैं, ये पूछने पर कहते हैं कि - सपनों में। कहते हैं कि मैं सपने बहुत देखता हूँ, कल्पनाएँ बहुत करता हूँ, अपने आप से ज़्यादा आप में रहता हूँ। इनका मानना है कि किताबें समाज और व्यक्तित्व का आईना होती हैं और शायद यही कारण है कि वो अपनी इसी सोच को शब्दों की माला में पिरो कर किताबों के माध्यम से ज़िन्दगी में प्यार और रिश्तों की अहमियत को संजीदगी से दिखाने की कोशिश करते हैं।

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Books by Vinit Bansal