Chandrashekhat Kambar Translated by Sindhu Mishra, Bhanu Bharti

चन्द्रशेखर कंबार देश के अग्रणी नाटककारों में से एक चन्द्रशेखर कंबार का जन्म 1938 में हुआ। वह कन्नड़ के ख्यातिप्राप्त कवि और नाटककार हैं। चन्द्रशेखर कंबार को 1983 में संगीत नाटक अकादमी, ‘जोकुमारस्वामी' नाटक को सर्वश्रेष्ठ नाटक का वर्ष 1975 का नाट्य संघ अवार्ड, 'श्री सम्पिज़' को 1991 में साहित्य अकादेमी पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया है। इनकी प्रकाशित कृतियाँ हैं : चकोरी, सिंगारव्वा, मटू अरामने (उपन्यास), मुझे सुनो (हेलाटेना केला), सिल्वर फिश (बेल्ली मीनू) (कविता) इत्यादि। सांस्कृतिक और शैक्षणिक समितियों के सदस्य के अलावा चन्द्रशेखर कंबार कन्नड़ विश्वविद्यालय के कुलपति और राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के चेयरमैन भी रहे हैं। वर्तमान में आप साहित्य अकादेमी के उपाध्यक्ष हैं। /अनुवादक भानु भारती जन्म : 16 जुलाई 1947, अजमेर, राजस्थान। 'राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय' नयी दिल्ली से 1973 में स्नातक। नाट्य-निर्देशक एवं नाटककार के रूप में बहुप्रतिष्ठित । अब तक 70 से अधिक नाटकों का निर्देशन, जिनमें से अधिकांश प्रस्तुतियाँ आधुनिक-भारतीय रंगमंच में विशिष्ट उपलब्धि के रूप में पहचानी-सराही जाती हैं। भानु भारती जी 'राष्ट्रीय संगीत नाटक अकादमी', नयी दिल्ली; 'राजस्थान संगीत नाटक अकादमी', जोधपुर; 'राजस्थान साहित्य अकादमी', उदयुपर एवं नान्दीकार कोलकाता से पुरस्कृत हैं।

Chandrashekhat Kambar Translated by Sindhu Mishra, Bhanu Bharti

Books by Chandrashekhat Kambar Translated by Sindhu Mishra, Bhanu Bharti