Abhay Mishra

पैदाइश और पढ़ाई-मध्य प्रदेश में। पापा सरकारी नौकरी में थे इसलिए प्रदेश के कई हिस्सों (सीधी, रीवा, अम्बाह, होशंगाबाद, खण्डवा, इन्दौर, भिण्ड, ग्वालियर और भोपाल) की संस्कृति ने पोसा। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता में डिग्री ली। रोजी रोटी की चिन्ता दिल्ली ले आयी वाया हैदराबाद। नवभारत, ईटीवी, वायस ऑफ़ इंडिया, राज्यसभा टीवी सहित कई चैनलों और अख़बारों में काम करने का मौका मिला। जब मुख्य धारा का मीडिया भरोसा पैदा नहीं कर पाया तो स्वतन्त्र लेखन की तरफ़ मुड़ गये। यथावत में पिछले पाँच सालों से नदियों पर नियमित कॉलम। द प्रिंट, जनसत्ता सहित डिजिटल और प्रिंट माध्यम में स्वतन्त्र लेखन। पूरे गंगापथ (गोमुख से गंगासागर) की अब तक चार बार यात्रा की। देश की तक़रीबन सभी नदियों को छूकर देखने-समझने की कोशिश अनवरत जारी। विभिन्न स्कूलों में बच्चों के साथ नदी संस्कृति और उसके बदलाव पर बातचीत होती रहती है। (लेक्चर थोड़ा भारी शब्द है।) पंकज रामेन्दु संग दर दर गंगे लिखी जो गंगा पर आधारित फ़िक्शनल ट्रैवेलॉग है। इन दिनों इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केन्द्र में नदी संस्कृति को समझने की कोशिश कर रहे हैं।

Abhay Mishra