AGEYA

स. ही. वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ मूल नाम: सच्चिदानन्द वात्स्यायन, जन्म: 07 मार्च, 1911, कुशीनगर, जिला देवरिया, उत्तर प्रदेश में एक पुरातत्त्व-उत्खनन शिविर में। शिक्षा: बी.एससी. (लाहौर) प्रथम श्रेणी में प्रथम स्थान। युवावस्था में चन्द्रशेखर आजाद, सुखदेव और भगवती चरण वोहरा से सम्पर्क, क्रान्तिकारी जीवन की शुरुआत। 1927 में पहली कविता की रचना। हिन्दुस्तान रिपब्लिकन आर्मी में सम्मिलित, बम बनाने के ज़ुर्म में गिरफ्तारी। इसी दौरान चिन्ता एवं शेखर: एक जीवनी की रचना। सेना में नौकरी। 1946 में सेना से त्यागपत्रा। इसी वर्ष ऐतिहासिक तार सप्तक का सम्पादन। इलाहाबाद और दिल्ली से प्रतीक का प्रकाशन-सम्पादन। इसके अतिरिक्त दूसरा सप्तक, तीसरा सप्तक, थॉट, वाक्, नया प्रतीक, दिनमान, एवरीमेन्स वीकली, नवभारत टाइम्स, चौथा सप्तक का सम्पादन। कैलीफोर्निया, हॉइडेलबर्ग तथा बर्कले में अध्यापन। सत्तरह कविता-संग्रह, चार उपन्यास, सात कहानी-संग्रह, दो यात्रा-वृत्तान्त, बारह निबन्ध-संग्रह, दो संस्मरण, चार डायरियाँ, चार ललित निबन्ध-संग्रह, तीन साक्षात्कार-संग्रह तथा एक गीति-नाट्य प्रकाशित। समग्र कविताएँ सदानीरा भाग 1 एवं 2 में संकलित। इसके अतिरिक्त लगभग 20 से अधिक साहित्यिक ग्रन्थों का सम्पादन एवं अंग्रेजी-हिन्दी में अनुवाद की एक दर्जन पुस्तकें प्रकाशित। युगोस्लाविया के अन्तरराष्ट्रीय कविता सम्मान गोल्डन-रीथ, कबीर सम्मान, साहित्य अकादेमी पुरस्कार तथा ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित। ज्ञानपीठ पुरस्कार राशि के बराबर राशि अपनी ओर से जोड़कर 1980 में वत्सल निधि न्यास की स्थापना। 04 अप्रैल, 1987 को निधन।

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