DR. REKHA SETHI

डॉ. रेखा सेठी ने दिल्ली विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग से एम.ए., एम.फिल. तथा पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की। स्वातंत्र्योत्तर हिन्दी कविता तथा कहानी उनके विशेष अध्ययन क्षेत्र रहे हैं। मीडिया के विविध रूपों में उनकी सक्रिय भागीदारी और दिलचस्पी रही है। पाँच वर्ष तक उन्होंने मीडिया सम्बन्धित पाठ्यक्रम पढ़ाये हैं। 'जनसत्ता' में उनकी लिखी पुस्तक समीक्षाएँ नियमित रूप से छपती रही हैं। इनके अतिरिक्त 'हंस', 'नया ज्ञानोदय', 'पूर्वग्रह', 'संवेद', 'सामयिक मीमांसा', 'संचेतना', 'Book Review', 'Indian Literature' आदि पत्रिकाओं में भी उनके आलोचनात्मक लेख व समीक्षाएँ। प्रकाशित होते रहे हैं। अपनी लिखी समीक्षाओं में उन्होंने सदा इस बात पर बल दिया कि रचना को ही प्राथमिकता दी जाए। रचना के मर्म तक पहुँचकर रचनाकार के संवेदनात्मक उद्देश्यों की रचान करना उनकी आलोचना का प्राण है।। उनकी प्रकाशित पुस्तकों में प्रमुख हैं 'व्यक्ति और व्यवस्थाः स्वांतत्र्योत्तर हिन्दी कहानी का संदर्भ', 'निबंधों की दुनियाः हरिशंकर परसाई' (संपादित), 'निबंधों की दुनियाः बालमुकुन्द गुप्त' (संपादित), 'हवा की मोहताज क्यों रहूँ' (इन्दु जैन की कविताएँ, सह संपादित), 'कालजयी हिन्दी कहानियाँ' (सह संपादित), 'समय के संग साहित्य' (सह संपादित)। आजकल वे इन्द्रप्रस्थ कॉलेज के हिन्दी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर नियुक्त हैं।

DR. REKHA SETHI