KSHAMA SHARMA

क्षमा शर्मा का जन्म अक्तूबर, 1955 में हुआ। एम.ए. (हिन्दी प्रथम श्रेणी), पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा, साहित्य और पत्रकारिता में पीएच. डी. की शिक्षा प्राप्त। प्रसिद्ध लेखक और पत्रकार क्षमा शर्मा के लेखन का दायरा बहुत विस्तृत रहा है। उनके दस कहानी संग्रह, चार उपन्यास और स्त्री-विमर्श से सम्बन्धित पाँच पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। ‘व्यावसायिक पत्रकारिता का कथा-साहित्य के विकास में योगदान’ उनकी शोध-कृति है। बाल साहित्य के लेखन और सम्पादन में शुरू से ही क्षमा शर्मा की रुचि रही है। उनके सत्रह बाल उपन्यास और चौदह बाल कहानी संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने बच्चों के लिए विश्व स्तर के बीस क्लासिक्स का हिन्दी रूपान्तरण किया है। देश के सभी पत्र-पत्रिकाओं में बच्चों, महिलाओं और पर्यावरण से सम्बन्धित विषयों पर सैकड़ों लेख लिख चुकी हैं। आकाशवाणी के लिए कहानियाँ, नाटक, वार्ताएँ, बाल कहानियाँ आदि नियमित रूप से लिखती रही हैं। उनकी टेली-फ़िल्म ‘गाँव की बेटी’ दूरदर्शन से प्रसारित हो चुकी है। उनकी कहानी ‘रास्ता छोड़ो डार्लिंग’ पर दूरदर्शन द्वारा फ़िल्म बनाई गयी है। क्षमा शर्मा की अनेक रचनाओं का अनुवाद पंजाबी, उर्दू, अंग्रेज़ी और तेलुगु में हो चुका है। क्षमा शर्मा हिन्दी अकादेमी, दिल्ली द्वारा तीन बार पुरस्कृत की जा चुकी हैं। बाल कल्याण संस्थान, कानपुर, इण्डो-रूसी क्लब, दिल्ली तथा सोनिया गाँधी ट्रस्ट, दिल्ली ने भी उन्हें सम्मानित किया है। भारत सरकार के सूचना मंत्रालय ने उन्हें भारतेन्दु हरिश्चन्द्र पुरस्कार से पुरस्कृत किया है। अनेक समितियों तथा चयन मंडलों की सदस्य क्षमा शर्मा के लेखन पर एक विश्वविद्यालय में शोधकार्य सम्पन्न हो चुका है तथा छह विश्वविद्यालयों में शोधकार्य जारी है। संस्कृति मन्त्रालय की सीनियर फैलो रही हैं।

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