MADHU PURNIMA KISHWAR

लोकतांत्रिक अधिकारों, आर्थिक आजादी, लैंगिक समता और अल्पसंख्यकों के हकों के लिए संघर्ष करने वाली संस्था मानुषी की संस्थापक। मानुषी को श्रेय जाता है कि उसने मधु किश्वर के सम्पादन में एक पत्रिका के रूप में महिला अधिकारों के मुद्दे को देश भर में सबसे पहले और प्रभावी ढंग से उठाया। केवल पाठकीय सहयोग के आधार पर 1978 से लगातार प्रकाशित होने वाली यह पत्रिका अपने आप में जनोन्मुख और आत्मनिर्भर पत्रकारिता का दुर्लभ नमूना है।

MADHU PURNIMA KISHWAR