MAHESH BHATT

महेश भट्ट का जन्म 1948 में हुआ था। उनके पिता ब्राह्मण थे, माँ शिया मुस्लिम। चारों दशकों के अपने कृतित्व काल में महेश भट्ट ने कई नये नियम बनाये और तोड़े हैं। सन् 1973 में फ़िल्म 'मंज़िलें और भी हैं' से उन्होंने फ़िल्म उद्योग में अपना सफ़र शुरू किया। अपनी फ़िल्म 'अर्थ' से उन्होंने नयी ज़मीन तोड़ी और आलोचनात्मक तथा व्यापारिक प्रशंसा प्राप्त की। 'अर्थ' के बाद 'सारांश', 'जनम', 'डैडी', 'सर', 'तमन्ना' और अंत में राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित 'ज़ख़्म' फ़िल्में बनायीं। आज वे फ़िल्म निर्देशन नहीं करते हैं लेकिन फ़िल्म उद्योग में सक्रिय हैं। 'राज़', 'जिस्म', 'मर्डर', 'ज़हर', 'कलयुग', और 'गैंगस्टर' जैसी फ़िल्मों की पटकथाएँ उन्होंने लिखी हैं। उन्होंने कई वृत्त चित्रों (डॉक्यूमेंट्रीज़) का निर्देशन भी किया है। मानवाधिकार उल्लंघन पर आधारित सहारा टेलीविज़न से ‘हक़ीकत' धारावाहिक के सूत्रधार और मेज़बान तथा दूरदर्शन पर प्रसारित 'इमेजिंग साइंस' के सूत्रधार मेज़बान भी वे ही थे। महेश भट्ट की 'यू.जी.कृष्णमूर्ति : एक जीवनी' कृति कई भाषाओं में अनूदित हुई है। राष्ट्रीय प्रसार वाले अंग्रेजी ('टाइम्स ऑफ़ इंडिया', 'इंडियन एक्सप्रेस', 'हिंदुस्तान टाइम्स', 'पायोनियर', 'द हिंदू' और अन्य) तथा हिंदी ('दैनिक जागरण' और 'दैनिक भास्कर') दैनिकों में वे नियमित रूप से लेखन करते हैं। यू. जी. कृष्णमूर्ति के उद्धरणों के संग्रह 'द लिटिल बुक ऑफ़ कोटेशंस' का उन्होंने संकलन, संपादन और लेखन किया तथा पुस्तक की भूमिका भी उन्होंने ही लिखी है।

MAHESH BHATT