UDAY PRAKASH

1 जनवरी 1952 को मध्य प्रदेश के एक छोटे से गाँव ‘सीतापुर’ में साहित्य जगत के सुप्रसिद्ध कवि, कथाकार, पत्रकार और फिल्मकार उदय प्रकाश का जन्म पूरे साहित्य जगत को एक भेंट है। जवाहरलाल नेहरू विश्व विद्यालय और इसके मणिपुर केन्द्र में लगभग चार वर्ष तक अध्यापन करने के बाद संस्कृति विभाग, मध्यप्रदेश, भोपाल में लगभग दो वर्ष विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी के पद पर कार्यरत रहे, इसी दौरान ‘पूर्वग्रह’ पत्रिका में सहायक संपादन की भूमिका भी निभाई। नौ वर्षों तक टाइम्स ऑफ इंडिया के समाचार पाक्षिक ‘दिनमान’ के सम्पादकीय विभाग में काम करने के साथ साथ बीच में एक वर्ष टाइम्स रिसर्च फाउंडेशन के स्कूल ऑफ सोशल जर्नलिज्म में अध्यापन भी किया। लगभग दो वर्ष पी.टी.आई. (टेलिविज़न) और एक वर्ष इंडिपेंट टेलीविज़न में विचार और पटकथा में प्रमुख रहे। कुछ समय ‘संडे मेल’ में वरिष्ठ सहायक संपादक पर कार्यरत रहने के बाद स्वतंत्र लेखन तथा फिल्म और मीडिया लेखन में व्यस्त रहते हैं। उदय प्रकाश ने अपनी लेखनी के माध्यम से साहित्य जगत ही नहीं अपने पाठकों के दिलों में भी अपनी जगह बनाई है। उदय प्रकाश हिन्दी के उन साहित्यकारों में से हैं जिनके यहाँ यथार्थ केवल एहसासभर नहीं है। बल्कि उनकी रचनाओं में यथार्थ अपने तीखेपन के साथ उपस्थित हो कर हमारे समय और समाज की पड़ताल करता है। उदय प्रकाश ऐसे रचनाकार हैं जिनके पास अपनी बात रखने की दिलकश शैली है। उदय प्रकाश की कई कृतियाँ के अंग्रेज़ी, जर्मन, जापानी एवं अन्य अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में अनुवाद भी उपलब्ध हैं। कई कहानियों के नाट्यरूपांतर और सफल मंचन हुए हैं। 'उपरांत' और 'मोहन दास' कहानियों पर फीचर फिल्में भी बनी हैं, जिसे अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिला हैं। उदय प्रकाश स्वयं कई टी.वी.धारावाहिकों के निर्देशक-पटकथाकार रहे हैं। उदय प्रकाश ने सुप्रसिद्ध राजस्थानी कथाकार विजयदान देथा की कहानियों पर बहुचर्चित लघु फिल्में प्रसार भारती के लिए निर्देशित-निर्मित की हैं। भारतीय कृषि का इतिहास पर महत्वपूर्ण पंद्रह कड़ियों का सीरियल 'कृषि-कथा' राष्ट्रीय चैनल के लिए निर्देशित कर चुके हैं। उदय प्रकाश की चर्चित पुस्तकों में ‘मोहन दास’, ‘तिरिछ’, ‘पीली छतरी वाली लड़की’, ‘पाल गोमरा का स्कूटर’ और दत्तात्रेय का दुख’ मुख्य हैं। ‘मोहन दास’ पुस्तक को वर्ष 2010 के साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उदय प्रकाश भारत भूषण अग्रवाल पुरस्कार (1980), ओमप्रकाश साहित्य सम्मान(1982), श्रीकांत वर्मा स्मृति पुरस्कार (1992), मुक्तिबोध सम्मान (1996), साहित्य सम्मान हिन्दी अकादेमी, दिल्ली (1999), रामकृष्ण जयदयाल सद्भावना सम्मान (1997), पहल सम्मान (2003), कथाक्रम सम्मान (2005), पुष्किन सम्मान (2006), द्विजदेव सम्मान (2006-07) से सम्मानित किये गये हैं।

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