हिन्दी और नेपाली साहित्य के प्रतिनिधि हस्ताक्षर

Format:Hard Bound

ISBN:81-7055-601-5

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मूल्य:रु125/-

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नेपाल और भारत दो अलग-अलग सम्पूर्ण सम्प्रभुता सम्पन्न देश हैं। ये दोनों पड़ोसी देश हैं और इनकी प्रगाढ़ मित्रता अक्षुण्ण है। इन दोनों देशों के बीच साहित्यिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक धरातल पर बहुत कुछ साम्यता दिखाई देती है। सच तो यह है कि धर्म, संस्कृति, रीति-रिवाज और सभ्यता में भिन्नता होते हुए भी सम्पूर्ण मानव-हृदय एक ही है और साहित्य मानव-समुदाय के भाव-जगत एवं विचार-जगत् की अभिव्यक्ति है। इस पुस्तक में दो देशांे के साहित्यकारों को एक साथ सामने रखकर विश्व-साहित्य और विश्व-मानव की एकता को उद्घाटित करने की सबल चेष्टा की गयी है। स्वस्थ आलोचना के लिए पूर्वाग्रह मुक्त होकर समीक्षा-दृष्टि प्रस्तुत करना जितना आवश्यक है, युग-बोध के साथ उसे एक नयी राह दिखाना भी उतना ही अनिवार्य है। हिन्दी और नेपाली साहित्य के प्रतिनिधि हस्ताक्षर’ में एक ओर जहाँ दोनों साहित्य के प्रतिनिध्ेिा साहित्यकारों के बारे में व्यापक दृष्टिकोण लेकर तटस्थता के साथ विवेचन-विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है, वहीं मानववादी साहित्यकारों को सामने रखकर युग-बोध के प्रति साहित्यकारों के दायित्व-बोध को झकझोरा गया है तथा सार्थक साहित्य की सही पहचान प्रस्तुत की गयी है। दोनों भाषाओं के शीर्ष साहित्यकारों के बारे में लिखी गयी यह पुस्तक हिन्दी और नेपाली भाषा के साहित्यकारों को विचार और अनुभूति के धरातल पर और अधिक निकट लाने की चेष्टा करती है, साथ ही उन्हें व्यापक फलक पर चिन्तन की नयी दिशा देती है और उनमें सृजनात्मक भाव-विकास को बढ़ाया देता है।

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About the writer

DR. USHA THAKUR

DR. USHA THAKUR डॉ. उषा ठाकुर,प्रोफेसर डॉ. उषा ठाकुर (एम.ए., पी-एच.डी. पटना विश्वविद्यालय) लगभग 22 वर्षों से शिक्षण तथा अनुसन्धान से सम्बद्ध रही हैं तथा पिछले 19 वर्षों से सनतकोत्तर हिन्दी विभाग, त्रिभुवन विश्वविद्यालय, काठमांडू, नेपाल में अध्यापन तथा अनुसन्धान कार्य से सम्बद्ध रही है। उनका साहित्यिक व्यक्तित्व हिन्दी साहित्य और नेपाली साहित्य दोनों से जुड़ा हुआ है। नेपाल तथा भारत की अनेक साहित्यिक पत्र-पत्रिकाओं में हिन्दी तथा नेपाली भाषा में इनकी अनेकानेक शोधपरक समालोचनाएँ प्रकाशित होती रही हैं। साथ ही अनेकों कविताएँ और कहानियाँ भी प्रकाशित हो चुकी हैं। समय-समय पर वे पटना विश्वविद्यालय (पटना), त्रिभुवन विश्वविद्यालय (काठमांडू) पेकिंग विश्वविद्यालय (चीन), क्ंनचीपदम न्दपअमतेपजल (पेरिस, फ्रांस) तथा विभिन्न शोध संस्थानों और साहित्यिक संस्थाओं द्वारा आयोजित प्रवचन-गोष्ठियों में सक्रिय सहभागिता लेती रही हैं। ‘महेन्द्र विद्या भूषण’, ‘रत्न-श्री स्वर्ण पदक’ तथा विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित डॉ. उषा ठाकुर सम्प्रति डी.लिट्. के लिए ‘पन्त और देवकोटा के काव्यों का तुलनात्मक अध्ययन’ विषय पर शोध कार्य मंे संलग्न। उनकी ‘पन्त काव्य की सामाजिक भूमिका शीर्षक पुस्तक सन् 1995 में प्रकाशित हो चुकी है तथा ‘महाकवि लक्ष्मी प्रसाद देवकोटा की काव्य-साधना’ पुस्तक शीघ्र प्रकाशय।

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