शमशेर का अर्थ

Format:Hard Bound

ISBN:978-93-5000-739-6

लेखक:ज्योतिष जोशी

Pages:

मूल्य:रु295/-

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शमशेर जन्मशती के अवसर पर विशेष रूप से तैयार की गई ‘शमशेर का अर्थ’ मूर्धन्य हिन्दी कवि शमशेर बहादुर सिंह के काव्य-वैशिष्ट्य के मूल्यांकन की पुस्तक है। पूरी पुस्तक अपनी निर्मिति में शमशेर को एक ऐसे कवि के रूप में प्रस्तुत करती है जिनकी मूर्धन्यता ‘कविता’ को प्रतिष्ठित करने में है। यह कविता अर्थ के सरलीकरण से इनकार करती है और हमारी प्रतीति के आयतन का विस्तार भी। कविता की भाषा, उसमें प्रयुक्त बिम्ब, जीवन के गहरे और मार्मिक क्षणों के अंकन का कौशल तथा ‘जीवन’ को कविता और ‘कविता’ को ही जीवन बना लेने की अनन्यता के कारण शमशेर की उपस्थिति का कोई विकल्प नहीं है। यह कविता प्रेम, सौन्दर्य, जीवन-राग, मानवीय-संघर्ष, मनुष्य के स्वाभिमान तथा अपार मानवीय करुणा की कविता है। पूरी पुस्तक में शमशेर के वैशिष्ट्य के उपर्युक्त निर्दिष्ट पक्षों को विवेचित किया गया है तो उनकी कविताओं के अनसुलझे रहस्यों को खोलने की कोशिश भी की गयी है। पुस्तक में पाँच अध्याय हैं और सबमें एक संगति है। काव्य-सौन्दर्य, संवेदना, ऐन्द्रिय प्रेम, सामाजिक चेतना तथा कवि के काव्यगत निहितार्थों को समझाते हुए आलोचक ने यह तार्किक ढंग से दिखाया है कि शमशेर अपने पूरे ढब में एक समग्र मानवीय कवि हैं जिन्हें जाने बिना हम आधुनिक हिन्दी कविता को नहीं जान सकते। उम्मीद करनी चाहिए कि शमशेर की कविताओं पर सर्वथा पहली बार इतने मनोयोग से लिखी गयी इस पुस्तक का न केवल स्वागत होगा बल्कि इस पुस्तक को शमशेर पर अनिवार्य आलोचना-कृति माना जाएगा।

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JYOTISH JOSHI

JYOTISH JOSHI साहित्य, कला, संस्कृति के सर्वमान्य आलोचक के रूप में प्रतिष्ठित ज्योतिष जोशी ने आलोचना को कई स्तरों पर समृद्ध किया है। साहित्य इनकी आलोचना का केन्द्रीय क्षेत्रा है, पर कला तथा नाटक-रंगमंच सहित संस्कृति के दूसरे अनिवार्य अनुशासनों पर भी इन्होंने मनोयोग से काम किया है। अपनी सहज प्रवहमान भाषा तथा विवेचन की तार्किक पद्धति के कारण प्रसिद्ध इस आलोचक ने जहाँ आलोचना को सहज-स्वीकार्य बनाया है, वहीं उसे मानवीय विमर्शों का आख्यान भी। अपने महत्त्वपूर्ण कार्यों के लिए बिहार राष्ट्रभाषा परिषद् का ‘साहित्य सेवा सम्मान’, हिन्दी अकादमी, दिल्ली का ‘साहित्यिक कृति सम्मान’, आलोचना में विशिष्ट योगदान के लिए ‘देवीशंकर अवस्थी’ तथा ‘प्रमोद वर्मा स्मृति सम्मान’ पा चुके ज्योतिष जोशी को अनेक महत्त्वपूर्ण शिक्षावृत्तियाँ भी मिली हैं जिनमें केन्द्रीय संगीत नाटक अकादमी, केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मन्त्रालय, दिल्ली, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्राकारिता विश्वविद्यालय, भोपाल तथा इंडिया फाउंडेशन फॉर द आर्ट्स, बंगलौर की शिक्षावृत्तियाँ उल्लेखनीय हैं। इनकी प्रकाशित पुस्तकें हैंµसम्यक्, जैनेन्द्र संचयिता, विधा की उपलब्धि: त्यागपत्रा, आर्टिस्ट डायरेक्टरी, कला विचार, कला परम्परा, कला पद्धति, प्रतीक-आत्मक (दो खण्ड), (सम्पादन), जैनेन्द्र और नैतिकता, आलोचना की छवियाँ, उपन्यास की समकालीनता, पुरखों का पक्ष, संस्कृति विचार, साहित्यिक पत्राकारिता, विमर्श और विवेचना, भारतीय कला के हस्ताक्षर, आधुनिक भारतीय कला के मूर्धन्य, आधुनिक भारतीय कला, रूपंकर, कृति आकृति, रंग विमर्श, नेमिचन्द्र जैन (आलोचना), सोनबरसा (उपन्यास) तथा यह शमशेर का अर्थ। हिन्दी अकादमी, दिल्ली के सचिव रह चुके श्री जोशी इन दिनों केन्द्रीय ललित कला अकादमी (संस्कृति मन्त्रालय, भारत सरकार) में हिन्दी सम्पादक हैं।

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