दलित चिंतन : अनुभव और विचार

Format:Hard Bound

ISBN:978-93-5072-787-4

लेखक:डॉ. प्रणव कुमार बनर्जी

Pages:232

मूल्य:रु450/-

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दलित चिंतन : अनुभव और विचार

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इन लेखों में वर्तमान और अतीत की कुछ ऐसी सच्चाइयाँ हैं, जो हमें दहला तो देती ही हैं, भविष्य के लिए सचेत भी करती हैं कि भावी पीढ़ियों के लिए भी हमारा कुछ दायित्व है। हम उन्हें एक अच्छा और सुरक्षित भविष्य दे जाएँ, यह हमारी क्रियात्मक सोच से ही सम्भव हो सकता है। हमारे राजनेता कभी-कभी यह सोचने की गलती कर जाया करते हैं कि वह जो कुछ कर रहे हैं वह ही पर्याप्त है, लेकिन यह आंशिक सच है। पूरा सच यह है कि वह जो कर रहे हैं, उसकी उम्र बहुत छोटी होती है। इस तथ्य को डॉ.अम्बेडकर के साथ उनके समकालीन किसी भी दलित राजनेता की तुलना करके देखा जा सकता है और सहजता से इस निष्कर्ष पर पहुँचा जा सकता है कि क्या वे जीवन भर सत्ता के केन्द्र में रहकर उतना दे पाए हैं, जो डॉ. अम्बेडकर जीवन के अधिकांश समय सत्ता से दूर रह कर दे गये हैं। अतः आज वर्चस्ववादी मानसिकता अपने सम्पूर्ण ढाँचे के टूटने का भय अम्बेडकर के विचारों में देखती है, अन्य नेताओं के सुख भोग में नहीं। किसी भी राजनीति को साहित्य ही स्थायित्व प्रदान करता है। साहित्य राजनीति के आगे चलने वाली मशाल है। इसलिए आज आवश्यकता इस बात की है कि ऐसा साहित्य रचा जाए, जो दलित समाज और राजनीति को सही दिशा दे सके।

About the writer

DR. N. SINGH

DR. N. SINGH डॉ. एन. सिंह जन्मः1 जनवरी, 1956 जन्म स्थान : ग्राम चतरसाली, जनपद सहारनपुर (उ.प्र.) शिक्षा : एम.ए. (हिन्दी), पीएच.डी. 'आचार्य पद्मसिंह शर्मा : व्यक्तित्व एवं कृतित्व' विषय पर मेरठ विश्वविद्यालय, मेरठ से सन् 1980 में। डी. लिट. 'हिन्दी के स्वातन्त्र्योत्तर दलित साहित्यकारों के साहित्य में परम्परा, संवेदना एवं शिल्पविधान विषय पर हेमवतीनन्दन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय, श्रीनगर (उत्तराखण्ड) से 2007 में। प्रकाशित कृतियाँ : सन्त कवि रैदास : मूल्यांकन और प्रदेय; सतह से उठते हुए; विचार यात्रा में; मेरा दलित चिन्तन; कठौती में गंगा; आचार्य पद्मसिंह शर्मा और हिन्दी आलोचना; व्यक्ति और विमर्श; सम्पुट; दर्द के दस्तावेज़; यातना की परछाइयाँ; काले हाशिए पर; चेतना के स्वर; शिखर की ओर; दलित साहित्य : चिन्तन के विविध आयाम; दलित साहित्य और युगबोध; रैदास ग्रन्थावली; दृष्टिपथ के पड़ाव; दलित साहित्य : परम्परा और विन्यास; सुश्री मायावती और दलित चिन्तन। विशेष : 'सुमनलिपि' (मासिक) मुम्बई के 'दलित साहित्य अंक' नवम्बर-1995 का अतिथि सम्पादन; 'दर्द के दस्तावेज' का मराठी में अनुवाद तथा 'सतह से उठते हुए' का उर्दू में अनुवाद प्रकाशित; कुछ कविताओं का असमिया, तेलुगू, पंजाबी, गुजराती तथा अंग्रेजी में अनुवाद; आकाशवाणी नजीबाबाद से वार्ताओं का प्रसारण; कई विश्वविद्यालयों में व्यक्तित्व एवं साहित्य पर पीएच.डी. एवं एम. फिल्. स्तरीय शोध सम्पन्न। सम्मान : 'डॉ. अम्बेडकर विशिष्ट सेवा सम्मान' 1995; उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान, लखनऊ, का सर्जना पुरस्कार 1998; मध्यप्रदेश दलित साहित्य अकादमी, उज्जैन का 'अकादमी पुरस्कार' 1999; भारतीय दलित साहित्य अकादमी, भोपाल का 'राष्ट्रीय सृजन सेवा सम्मान' 1995; सहारनपुर महोत्सव समिति द्वारा 'रामधारी सिंह 'दिनकर' सम्मान' 2005; शिक्षक श्री सम्मान 2009, उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ। सम्पर्क : 'विमर्श', 110, विनोद विहार, मल्हीपुर रोड, सहारनपुर-247001 (उ.प्र.) ई-मेल : drnsinghllow@rediffmail.com मो. : 09412355707

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