हास्य-व्यंग्य शतक

Format:Hard Bound

ISBN:978-81-8143-904-8

लेखक:

Pages:208

मूल्य:रु395/-

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DR. MANIK MRIGESH

DR. MANIK MRIGESH जन्मः 1 सितंबर 1952, कैथवाड़ी अलीगढ़ (उ.प्र.)। शिक्षाः एम. फिल., पीएच.डी. (हिन्दी भाषा विज्ञान), एल.एल.बी.। अनुभवः उ.प्र.राज्य विद्युत परिषद, आई.डी.बी.आई., एच.सी.आई. (एअर इंडिया), सिंडीकेट बैंक उ.प्र. में बीडीओ के लिए चयनित (1984)। मान-सम्मानः दैनिक समाचार पत्रों की भाषा पर सूचना व प्रसारण मंत्रालय द्वारा भारतेन्दु मान पुरस्कार से 1988 में सम्मानित। राजभाषा विभाग व राष्ट्रीय अकादमी द्वारा सम्मानित। कृतियाँः राजभाषा विविधा, समाचार पत्रों की भाषा, भूमंडलीकरण, निजीकरण व हिंदी, हास्य व्यंग्य के रंग, राजभाषा की प्रवृत्तियाँ तोल तोल के बोल। लेखनः पत्रा-पत्रिकाओं में लेखन तथा दूरदर्शन, आकाशवाणी तथा कवि सम्मेलनों में काव्य-पाठ। स्तंभ लेखनः मैट्रोटच, गुजराती बोल, दुर्गम ख़बर एवं हमारा मैट्रो। संपादनः राजभाषिका, उपक्रम भारती, सर्जना एवं इंडियन ऑयल की पत्रिका अभिधा का संपादन भारत का पेट्रोलियम परिदृश्य। संयोजनः पेट्रोलियम शब्दावली। विदेश यात्राः मॉरीशस में आयोजित राजभाषा संगोष्ठी में इंडियन ऑयल का प्रतिनिधित्व। संप्रतिः वरिष्ठ प्रशासन प्रबंधक एवं हिंदी प्रभारी इंडियन ऑयल कॉ. लि. गुजरात रिफाइनरी, वडोदरा-391320 संपर्कः मृगेशायन 22 बी. मनोरथ सोसाइटी, न्यू समा रोड, वडोदरा-8

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