पूर्वोत्तर भारत का जनजातीय साहित्य

Format:Hard Bound

ISBN:9789352296576

लेखक:

Pages:184

मूल्य:रु450/-

Stock:In Stock

Rs.450/-

Details

जनजातीय या आदिवासी साहित्य किसी असभ्य या अशिष्ट समाज का साहित्य नहीं है बल्कि हमारे पुरखों का साहित्य है| हमारे पुराने समाज का साहित्य है| इसमें जीवन के विभिन्न प्रसंगों से प्राप्त अनुभवों एवं सत्यों की वास्तविक अभिव्यक्ति होती है| इसमें भावों की अभिव्यक्ति में किसी तरह का बनावटीपन नहीं होता बल्कि भावों का भदेसपन जनजातीय साहित्य की अपनी विशेषता है|” - पुस्तक ‘पूर्वोत्तर भारत का जनजातीय इतिहास’ से पूर्वोत्तर भारत के जनजातीय इतिहास को एक नए दृष्टिकोण से देखती पुस्तक|

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About the writer

DR. ANUSHABDA

DR. ANUSHABDA जन्म : बक्सर, बिहार भाषा : हिंदी विधाएँ : आलोचना मुख्य कृतियाँ ‘हिंदी पत्रकारिता : रूपक बनाम मिथक’, ‘हिंदी : एक मौलिक व्याकरण’ (अनूदित), ‘एक नई अर्थव्यवस्था की कार्य सूची (अनूदित) सम्मान हिंदी प्रतिभा विकास पुरस्कार संपर्क सहायक प्रवक्ता, हिंदी विभाग, तेजपुर विश्वविद्यालय

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