विश्वनाथप्रसाद तिवारी : सृजनात्मकता का विचार

Format:Hard Bound

ISBN:978-93-89563-06-1

लेखक:

Pages:202

मूल्य:रु395/-

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विश्वनाथप्रसाद तिवारी : सृजनात्मकता का विचार

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विश्वनाथप्रसाद तिवारी का आलोचक व्यक्तित्व मूल्यवादी दृष्टि से समृद्ध दिखाई देता है। वे सदैव रचना को केन्द्र में रखकर विचिन्तन करते हैं। इसलिए अपनी आलोचना में वे एक निष्कवच सहृदय का परिचय देते हैं। विचारों की कट्टरता का उन्होंने खण्डन किया है। ऐसी आलोचना की संकुचित दृष्टि का भी उन्होंने विरोध किया है। रचना का सौन्दर्य उनकी आलोचना का मूल मन्त्र है। रचना जो सौन्दर्य प्रतीति देती है उसको व्यापक परिप्रेक्ष्य में लक्षित करना वे अपनी आलोचना का दायित्व समझते हैं। लेकिन उनकी सौन्दर्य चेतना मनुष्य निरपेक्ष नहीं है। इसलिए प्रगतिचेतना को भी वे आसानी से समाविष्ट कर पाते हैं। उसके लिए, उनके अनुसार, वैचारिक घेरेबन्दी की ज़रूरत नहीं है। वैचारिकता मनुष्य केन्द्रित हो, यही वे चाहते हैं। इस कारण से उनकी आलोचना रचनात्मकता की पक्षधरता को व्यक्त करती है। विश्वनाथप्रसाद तिवारी की आलोचना के सन्दर्भ में हम ऐसा भी कह सकते हैं कि आलोचना भी रचना है।

About the writer

A. ARVINDAKSHAN

A. ARVINDAKSHAN ए. अरविंदाक्षन प्रकाशित रचनाएँ कविता संकलन : बाँस का टुकड़ा, घोड़ा, आसपास, सपने सच होते हैं, राग लीलावती, असंख्य ध्वनियों के बीच, भरा-पूरा घर, पतझड़ का इतिहास, राम की यात्रा, जंगल नज़दीक आ रहा है। आलोचना (हिन्दी) : महादेवी वर्मा के रेखाचित्र, अज्ञेय की उपन्यास-यात्रा, आधारशिला, समकालीन हिन्दी कविता, कविता का थल और काल, कविता सबसे सुन्दर सपना है, रचना के विकल्प, साहित्य, संस्कृति और भारतीयता, समकालीन कविता की भारतीयता, प्रेमचन्द : भारतीय कथाकार, कविता की संस्कृति, शब्द की यात्रा। सम्पादन : आधुनिक मलयालम कविता, आकलन, कम्पेरिटिव इंडियन लिटरेचर, कथाशिल्पी गिरिराज किशोर, कवितयुटे पुतिय मुखम्, बहुरंगी कविताएँ, कविता का यथार्थ, निराला : एक पुनर्मूल्यांकन, प्रेमचन्द के आयाम, महादेवी वर्मा, नागार्जुन, कविता अज्ञेय, हमारे समय में मुक्तिबोध, साइंस कम्युनिकेशन, कविता आज, आलोचना और संस्कृति, बुनियादी तालीम, विवेकत्तिन्टे सौन्दर्यम्, एम.के. सानुविन्टे कृतिकल्। अनुवाद : भारत पर्यटनम् (मल. से हिन्दी), एवं इन्द्रजीत (बांगला से मल.), कोमल गान्धार (हिन्दी से मल.), प्रेम एक एलबम् (मल. से हिन्दी), कोच्ची के दरख्त (मल. से हिन्दी), अक्षर (कोंकणी से हिन्दी), सर्वेश्वर दयाल सक्सेनयुटे कवितकल् (हिन्दी से मल.), अमेरिका : एक अद्भुत दुनिया (मल. से हिन्दी), मलयालम की स्त्री-कविता (मल. से हिन्दी), एंकिलुम् चिलतु बाकियाकुम (हिन्दी से मल.), आधुनिक हिन्दी कविता (हिन्दी से मल.), असमिया कथकल (असमिया से मल.), नाटक जारी है (मल. से हिन्दी)। पुरस्कार : बीस से अधिक राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय पुरस्कार, साहित्य सम्मेलन, प्रयाग का सर्वोच्च सम्मान 'साहित्य वाचस्पति' से विभूषित।

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