NIBANDHON KI DUNIYA : KEDARNATH AGARWAL

Format:Hard Bound

ISBN:978-93-5072-162-9

Author:KEDARNATH AGARWAL

Pages:193

MRP:Rs.395/-

Stock:In Stock

Rs.395/-

Details

निबन्धों की दुनिया : केदारनाथ अग्रवाल

Additional Information

No Additional Information Available

About the writer

KEDARNATH AGARWAL

KEDARNATH AGARWAL केदारनाथ अग्रवाल जन्म : 01 अप्रैल 1911, कमासिन, बाँदा (उत्तर प्रदेश) भाषा : हिन्दी विधाएँ : कविता, आलोचना, संस्मरण, पत्र मुख्य कृतियाँ कविता संग्रह : ‘युग की गंगा’ , ‘फूल नहीं रंग बोलते हैं’ , ‘पंख और पतवार’, ‘गुलमेंहदी’ , ‘हे मेरी तुम!’,’ बोले बोल अबोल’,’ मार प्यार की थापें’, ‘अपूर्वा’, ‘अनहारी हरियाली’, ‘आग का आईना’, ‘आत्मगन्ध’, ‘खुली आँखें खुले डैने’, पुष्प दीप और ‘बम्बई का रक्त स्नान’ (आल्हा)। ‘कहें केदार खरी खरी’,’ कुहकी कोयल’,’ खड़े पेड़ की देह’,’ जमुन जल तुम’,’ जो शिलाएँ तोड़ते हैं’, वसन्त में प्रसन्न हुई पृथ्वी (सभी अशोक त्रिपाठी के सम्पादन में) आलोचना : ‘विचार बोध’,’ विवेक विवेचना’, ‘समय समय पर’ संस्मरण : ‘बस्ती खिले गुलाबों की’ (रूस यात्रा के संस्मरण) पत्र : ‘मित्र संवाद – 1’ ,’ मित्र संवाद – 2’ (केदारनाथ अग्रवाल और रामविलास शर्मा के पत्रों का संकलन) अनुवाद : ‘देश-देश की कविता’ (पाब्लो नेरूदा और अन्य कवियों की कविताओं के अनुवाद) सम्मान : साहित्य अकादेमी पुरस्कार निधन : 22 जून 2000

Customer Reviews

No review available. Add your review. You can be the first.

Write Your Own Review

How do you rate this product? *

           
Price
Value
Quality