PINKUSAN

Format:Hard Bound

ISBN:978-93-5000-831-7

Author:PREM KIRAN

Pages:146

MRP:Rs.125/-

Stock:In Stock

Rs.125/-

Details

प्रेमकिरण ग़ज़ल की तमाम बारीकियों को ध्यान में रखते हुए अपनी बात, अपने विचाार और अपने अनुभवों को बड़ी सहजता से ‘ग़ज़ल’ में ढाल रहे हैं। इनकी ग़ज़लें पढ़कर ऐसा महसूस होता है कि इन्हें ‘ग़ज़ल’ से एक प्रकार का विशेष लगाव है या प्राकृतिक लगाव है और ग़ज़ल उनका ओढ़ना-बिछौना है। प्रेमकिरण ने व्यक्तिगत तौर पर ज़िन्दगी के बहुत सारे उठा-पटक को क़रीब से देखा और भोगा है इसलिए उनके पास खट्टे-मीठे अनुभवों का एक बृहत् संसार है।

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