ANUPRAYUKT RAJBHASHA

Format:Hard Bound

ISBN:978-93-5000-887-4

Author:DR. MANIK MRIGESH

Pages:

MRP:Rs.295/-

Stock:In Stock

Rs.295/-

Details

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बात करें तो अमरीका के राष्ट्रपति ने अपने सुरक्षा अधिकारियों को हिंदी सीखने के निर्देश दिए हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव ने विश्व हिंदी सम्मेलन का उद्घाटन हिंदी वाक्य से किया था। विश्व के सौ से अधिक विश्वविद्यालयों में हिंदी पढ़ाई जा रही है। विदेशों में जो छात्रा-छात्राएँ पढ़ने के लिए जा रहे हैं, वे सभी, तथा कुछ पढ़ लिखकर वहीं रोजगार पा जाते हैं तथा कुछ घर भी बना लेते हैं, उन सभी की सम्पर्क भाषा हिंदी ही रहती है इसलिए आज हिंदी की उपादेयता बढ़ी है। लाभप्रदता भी हिंदी के कारण बढ़ती है क्योंकि हिंदी का उपभोक्ता वर्ग संसार में सबसे बड़ा है इसलिए राष्ट्रीय व बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ भी हिंदी को अपना रही हैं। हिंदी के कारण उनकी लाभप्रदता में बढ़ोतरी हुई है। इस पुस्तक के लिखने की पृष्ठभूमि में प्रयोजन भी यही रहा है कि सभी वर्ग के लोग चाहे वे विद्यार्थी हों, शोधार्थी हों, या फिर हिंदी में रुचि रखने वाले आमजन हों उनको इस पुस्तक में एक जगह सभी सामग्री मिल जाएगी। इस पुस्तक में हिंदी की उत्पत्ति-विकास, इतिहास, काव्यशास्त्र व संघ की भाषा नीति की सामान्य जानकारी दी गई है। इसके साथ हिंदी के प्रचार प्रसार से जुड़ी समितियों व संस्थानों की भी जानकारी दी गई है। सभी वर्गों के लिए ज्ञानवर्द्धक व पठनीय पुस्तक।

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About the writer

DR. MANIK MRIGESH

DR. MANIK MRIGESH जन्मः 1 सितंबर 1952, कैथवाड़ी अलीगढ़ (उ.प्र.)। शिक्षाः एम. फिल., पीएच.डी. (हिन्दी भाषा विज्ञान), एल.एल.बी.। अनुभवः उ.प्र.राज्य विद्युत परिषद, आई.डी.बी.आई., एच.सी.आई. (एअर इंडिया), सिंडीकेट बैंक उ.प्र. में बीडीओ के लिए चयनित (1984)। मान-सम्मानः दैनिक समाचार पत्रों की भाषा पर सूचना व प्रसारण मंत्रालय द्वारा भारतेन्दु मान पुरस्कार से 1988 में सम्मानित। राजभाषा विभाग व राष्ट्रीय अकादमी द्वारा सम्मानित। कृतियाँः राजभाषा विविधा, समाचार पत्रों की भाषा, भूमंडलीकरण, निजीकरण व हिंदी, हास्य व्यंग्य के रंग, राजभाषा की प्रवृत्तियाँ तोल तोल के बोल। लेखनः पत्रा-पत्रिकाओं में लेखन तथा दूरदर्शन, आकाशवाणी तथा कवि सम्मेलनों में काव्य-पाठ। स्तंभ लेखनः मैट्रोटच, गुजराती बोल, दुर्गम ख़बर एवं हमारा मैट्रो। संपादनः राजभाषिका, उपक्रम भारती, सर्जना एवं इंडियन ऑयल की पत्रिका अभिधा का संपादन भारत का पेट्रोलियम परिदृश्य। संयोजनः पेट्रोलियम शब्दावली। विदेश यात्राः मॉरीशस में आयोजित राजभाषा संगोष्ठी में इंडियन ऑयल का प्रतिनिधित्व। संप्रतिः वरिष्ठ प्रशासन प्रबंधक एवं हिंदी प्रभारी इंडियन ऑयल कॉ. लि. गुजरात रिफाइनरी, वडोदरा-391320 संपर्कः मृगेशायन 22 बी. मनोरथ सोसाइटी, न्यू समा रोड, वडोदरा-8

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