QATARA QATARA

Format:Paper Back

ISBN:81-7055-718-6

Author:FAHMIDA RIYAZ

Pages:78

MRP:Rs.95/-

Stock:In Stock

Rs.95/-

Details

क़तरा-क़तरा

Additional Information

उर्दू-शायरी में फ़हमीदा रियाज़ की शायरी एक मुकाम पर है। पाकिस्तान की परवीन शाकिर व किश्वर नाहिद शायराओं ने विश्व शायरी को एक नया मोड़ दिया है। उनकी शायरी का तेवर विश्व की महिला शायरों में गिना जाता है। उनकी शायरी की एक बानगी गौरतलब है। लुकती-छुपती धूप और बादल ये आकाश के नन्हे बादल खेल रहे हैं हँसते-हँसते किलकारी भरते सब्जे को शोख हवा गुदगुदा रही है मैं भी अपने पंख झटक कर पर तोलूं और भरूं उड़ानें अपने बदन में खुद खो जाऊँ ये तन का आकाश, ये धरती धीरे-धीरे फैल रहे हैं और मेरे हाथों के पखेरू ये चंचल बेचैन परिन्दे एक अनोखे राज से बेकल धरती में कुछ ढूंढ़ रहे हैं।

About the writer

FAHMIDA RIYAZ

FAHMIDA RIYAZ फ़हमीदा रियाज़ पाकिस्तानी शायरा फ़हमीदा रियाज़ उर्दू की बहुचर्चित हस्ती हैं। कविता, नज़्म आदि के अलावा इन्होंने काफ़ी संख्या में कहानियाँ भी लिखी हैं। प्रायः भारत आती रहती हैं। जियाउलहक़ के सैनिक प्रशासन के दौरान फैज अहमद फैज की तरह इन्होंने भी काफी समय तक भारत में शरण ली थी।

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