ANTRIKSHA VIGYAN KI VIKAS YATRA

Format:Hard Bound

ISBN:81-89795-21-X

Author:BHARAT YAYAVAR

Pages:176

MRP:Rs.250/-

Stock:Out of Stock

Rs.250/-

Details

इस पुस्तक के विद्वान लेखक फ्लोरेंती रबीला सबसे पहले तो किशोर पाठकों को यह समझाते हैं कि जिन लोगों ने राकेट बनाये, या जिन्होंने अन्तरिक्ष की यात्रा की और वहाँ की सच्चाइयों से हमें परिचित कराया, वे कोरे स्वप्नद्रष्टा नहीं थे, बल्कि खूब मेहनत से पढ़कर उन्होंने विज्ञान का उच्च अध्यन किया था। यह समझाने के पीछे लेखक की वास्तविक मंशा यह है कि अन्तरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में कुछ उल्लेखनीय करने के लिए किशोरों को खूब पढ़ना चाहिए और वह पढ़ना इस तरह का हो कि उनमें वैज्ञानिक टेम्परामेंट (स्वभाव) निरन्तर विकसित होता रहे। इसके लिए भौतिकी के नियमों पर आधारित, लेखक ने इसके पृष्ठों में, ऐसे दिलचस्प प्रयोग किये हैं। जिनका सम्बन्ध अन्तरिक्ष के साथ है। विज्ञान की कक्षा के बाद, घर आकर किशोर वैज्ञानिक इन प्रयोगों को अपनी घरेलू प्रयोगशाला में करेंगे, तो कक्षा में अर्जित सैद्धांतिक ज्ञान को दुहराने और उसे व्यावहारिक अनुभव में ढालने में मदद मिलेगी। इस दृष्टि से इसे अन्तरिक्ष विज्ञान का सहज पाठ भी कहा जा सकता है।

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About the writer

BHARAT YAYAVAR

BHARAT YAYAVAR "जन्म : 29 नवंबर 1954, हजारीबाग, झारखंड भाषा : हिंदी विधाएँ : कविता, निबंध मुख्य कृतियाँ कविता संग्रह : झेलते हुए, मैं यहाँ हूँ, बेचैनी, हाल-बेहाल सम्मान नागार्जुन पुरस्कार, रामवृक्ष बेनीपुरी पुरस्कार, राधाकृष्ण पुरस्कार, अंतरराष्ट्रीय पुश्किन सम्मा्न ई-मेल bharatyayawar@yahoo.com"

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