URJA VIGYAN KI KHANI

Format:Hard Bound

ISBN:81-8143-025-5

Author:DR. R.K. NAMBIAN

Pages:102

MRP:Rs.200/-

Stock:In Stock

Rs.200/-

Details

लोकोपयोगी विज्ञान विश्वकोश माला की यह प्रस्तुति विज्ञान (और्जिकी) से संदर्भित है। इसके मूल लेखक ताप भौतिक एवं ऊर्जा विज्ञान के रूसी विद्वान ब्लादीमिर किरीसिन हैं। आदिमानव ने जब पत्थर से पत्थर रगड़कर पहले-पहल आग का आविष्कार किया तब उसे क्या पता था कि आग के बहाने वह एक ऐसी अदृश्य शक्ति का आविष्कार कर रहा है जिसे लाखों वर्ष बाद ऊर्जा के नाम से जाना जाएगा और ऊर्जा विज्ञान नाम से उसका एक विज्ञान विकसित होगा। यह दीगर बात है कि तार्किक रूप से अविकसित आदि मानव को उस अदृश्य शक्ति ऊर्जा की जानकारी नहीं थी, लेकिन ऊर्जा ने अपना काम उसी दिन शुरू कर दिया था।

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