BEGUM ZAINABADI

Format:Hard Bound

ISBN:978-93-5000-523-1

Author:SHARAD PAGARE

Pages:246

MRP:Rs.350/-

Stock:In Stock

Rs.350/-

Details

बेग़म जैनाबादी

Additional Information

उपन्यास औरंगजेब को इतिहास प्रसिद्ध खलनायक की जगह ऐसे विद्रोही नायक के रूप में प्रस्तुत करता है जो पिता शाहजहाँ की उपेक्षा, पक्षपात और भाई दाराशिकोह व बहन जहाँनारा की कथित ईर्ष्या और षड्यन्त्रों के चलते उदंड हो गया है। उपन्यास को रोचकता के साथ तथ्यात्मकता भी प्रदान की है।-इंडिया टुडे (हिन्दी) यहाँ एक प्रेम प्रसंग के जरिए औरंगज़ेब की मानसिक अवस्थाओं, व्याकुलता, उद्वेग, संवेगों को रेखांकित किया गया है। उपन्यासकार का कथा-कौशल है कि उपन्यास के भीतर सर्जित परिवेश बेहद जीवन्त और ताज़ादम प्रतीत होता है। दक्कनी, राजस्थानी और हिन्दी-तीनों भाषाएँ परिवेश को सहज और विश्वसनीय बनाती हैं। तवायफ़ों द्वारा बोली जाने वाली दक्कनी इस उपन्यास की विशिष्टता कही जायेगी।-समकालीन भारतीय साहित्य रचना में भूत और वर्तमान की घटनाएँ साथ-साथ चलती हैं जिसके लिए लेखक ने 'स्ट्रीम ऑफ़ कॉनशसनेस' और 'फ्लेश बेक' आदि तकनीकों का उपयोग किया है। उपन्यास पठनीय है, क्योंकि यह औरंगज़ेब के एक अपरिचित पहलू से परिचित कराता है। -नई दुनिया

About the writer

SHARAD PAGARE

SHARAD PAGARE शरद पगारे कहनियों और उपन्यास की दुनिया में एक जाना-पहचाना नाम है,लेखक का सारा लेखन मनोरंजक और रोमांच पेड़ा करने वाला होता है। नया ज्ञानोदय,टूड़े इंडिया,आउटलूक,साप्ताहिक नवनीत,कादंबनी,दैनिक हिंदुस्तान,साप्ताहिक हिंदुस्तान,आह जिन्दगी जैसी पत्रिकाओं में लेखक लगातार लिखता रहा है, शरद पगारे मलयालम,तेलगु,उड़िया,उर्दू,इंगलिश, जैसी भाषाओं में लिखता रहा है। शरद को मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी,भाषा भूषण अलंकरण अखिल भारतीय भाषा साहित्य सम्मेलन भोपाल द्वारा 2010 में प्राप्त हो चुका है। डॉ. पगारे बुद्धिस्म सिल्प कॉम विश्वविधालय,बंकाक में पढ़ा चुके है।

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