PATLIPUTRA KI SAMRAGI

Format:Hard Bound

ISBN:978-93-5000-026-7

Author:SHARAD PAGARE

Pages:543

MRP:Rs.695/-

Stock:Out of Stock

Rs.695/-

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ऐतिहासिक साक्ष्यों की सीमाओं की लक्षण-रेखाओं को दृष्टिगत रखते हुए।साहित्य के काल्पनिक यथार्थ की संभावनाओं के साथ उसका संतुलित समन्वय करते हुए तदयुगीन जीवन को जीवंत करने का प्रयत्न ही इस उपन्यास का धेयय है। इसी परिप्रेक्ष्य में इस पुस्तक का लेखन प्रस्तुतीकरण किया गया है।

About the writer

SHARAD PAGARE

SHARAD PAGARE शरद पगारे कहनियों और उपन्यास की दुनिया में एक जाना-पहचाना नाम है,लेखक का सारा लेखन मनोरंजक और रोमांच पेड़ा करने वाला होता है। नया ज्ञानोदय,टूड़े इंडिया,आउटलूक,साप्ताहिक नवनीत,कादंबनी,दैनिक हिंदुस्तान,साप्ताहिक हिंदुस्तान,आह जिन्दगी जैसी पत्रिकाओं में लेखक लगातार लिखता रहा है, शरद पगारे मलयालम,तेलगु,उड़िया,उर्दू,इंगलिश, जैसी भाषाओं में लिखता रहा है। शरद को मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी,भाषा भूषण अलंकरण अखिल भारतीय भाषा साहित्य सम्मेलन भोपाल द्वारा 2010 में प्राप्त हो चुका है। डॉ. पगारे बुद्धिस्म सिल्प कॉम विश्वविधालय,बंकाक में पढ़ा चुके है।

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