MARATHI SAHITYA : PARIDRISHYA

Format:Hard Bound

ISBN:81-7055-575-2

Author:CHANDRAKANT VANDIVADEKAR

Pages:486

MRP:Rs.950/-

Stock:Out of Stock

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CHANDRAKANT VANDIVADEKAR

CHANDRAKANT VANDIVADEKAR डॉ. चंद्रकांत बांदिवडेकर जन्म: 5 नवम्बर, 1932 (डोर्ले, रत्नागिरी, महाराष्ट्र) शिक्षा: एम.ए.; पीएच.डी. (बम्बई विश्वविद्यालय) प्रकाशित रचनाएँ: हिन्दी और मराठी के सामाजिक उपन्यासों का तुलनात्मक अध्ययन; अज्ञेय की कविता: एक मूल्यांकन; उपन्यास स्थिति और गति; कविता की तलाश (केन्द्रीय हिन्दी निदेशालय द्वारा पुरस्कृत); जैनेंद्रजी के उपन्यास: मर्म की तलाश; आधुनिक हिन्दी उपन्यास: सृजन और आलोचना; मराठी कादंबरी: चिन्तन आणि समीक्षा (मराठी, महाराष्ट्र राज्य शासन एवं महाराष्ट्र साहित्य परिषद द्वारा पुरस्कृत); प्रेमचंद व्यक्ति आणि वाङ्मय (मराठी); मराठी कादंबरीचा इतिहास (मराठी); कथाकार अज्ञेय। अनुवादित ग्रंथ: चानी (चिंतक खानोलकर के मराठी उपन्यास का हिन्दी में अनुवाद, केन्द्रीय हिन्दी निदेशालय द्वारा पुरस्कृत); ऑक्टोपस (श्री. नापेंडसे के मराठी उपन्यास का हिन्दी अनुवाद); सौंदर्य मीमांसा (डॉ. रा.भा. पारणकर के मराठी ग्रंथ का अनुवाद); इसी मिट्टी से (कुसुमाग्रज की कविताओं का अनुवाद); प्रेमचंद (प्रकाश चंद्र गुप्त की पुस्तक का मराठी अनुवाद)। संपादन: गोविन्द मिश्र: सृजन के आयाम; कथा भारती भाग-2; प्रेमचंद दृष्टि और सृष्टि; साहित्य और दलित चेतना; ज्ञानेश्वर जीवन और कार्य (माता कुसुम कुमारी अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दीतर भाषी हिन्दी लेखक पुरस्कार-1992); समकालीन मराठी कहानी; हरिनारायण व्यास; कथा भारती (भारतीय कहानीकारों की कहानियों का संकलन)। अन्य प्रकाशन: हिन्दी और मराठी के 20 से अधिक संपादित ग्रंथों में लेख समाविष्ट; हिन्दी और मराठी की श्रेष्ठ पत्रिकाओं में 250 से अधिक लेख प्रकाशित। उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान की ओर से हिन्दी सेवा के लिए सौहार्द सम्मान पुरस्कार (1989)।

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