SHAHAR MEIN CURFEW TATHA ANYA CHAAR UPANYAS

Format:Hard Bound

ISBN:978-93-5072-470-5

Author:VIBHUTI NARAIN RAI

Pages:576

MRP:Rs.900/-

Stock:In Stock

Rs.900/-

Details

शहर में कर्फ्यू तथा अन्य चार उपन्यास

Additional Information

हिन्दी कथाजगत में विभति नारायण राय की उपस्थिति आश्चर्य की तरह बनी और विस्मय की तरह छा गयी। प्रस्तत संकलन मान जी के ये उपन्यास दिये जा रहे हैं- 'घर', 'शहर में कफ्यू', 'किस्सा लोकतंत्र', 'तबादला' तथा 'प्रेम की भतकथा' । सबसे ख़ास बात इस रचनाकार की यह है कि इनके सभी उपन्यास एक-दूसरे से बिलकुल भिन्न हैं। 'घर' में सम्बन्धों के विखण्डन की त्रासदी है तो शहर में कफ्यूं' में पुलिस आतंक के अविस्मरणीय दृश्यचित्र। 'किस्सा लोकतंत्र' राजनीति में अपराध का घालमेल रेखांकित करता है। 'तबादला' उपन्यास उत्तर आधुनिक रचना के स्तर पर खरा उतरता है क्योंकि इसमें कथातत्व का संरचनात्मक विखण्डन और कथानक के तार्किक विकास का अतिक्रमण है। इक्कीसवीं सदी के पहले दशक में यह अपनी तरह का पहला कथा-प्रयोग रहा है। सरकारी तंत्र और राजनीतिज्ञ की सँठगाँठ के कारण तबादला एक स्वाभाविक प्रक्रिया न होकर उद्योग का दर्जा पा गया है। इन रचनाओं से अलग हट कर 'प्रेम की भूतकथा' एक अदभत प्रेम कहानी है जिसमें प्रेमी अपनी जान पर खेल कर प्रेमिका के सम्मान की रक्षा करता है।-ममता कालिया

About the writer

VIBHUTI NARAIN RAI

VIBHUTI NARAIN RAI जन्म : 28 नवंबर 1951, जौनपुर (उत्तर प्रदेश) भाषा : हिंदी, अंग्रेजी विधाएँ : उपन्यास, निबंध, व्यंग्य मुख्य कृतियाँ उपन्यास : घर, शहर में कर्फ्यू, किस्सा लोकतंत्र, तबादला, प्रेम की भूतकथा व्यंग्य संग्रह : एक छात्र नेता का रोजनामचा निबंध संग्रह : रणभूमि में भाषा शोध : Combating Communal Conflict संपादन : समकालीन हिंदी कहानियाँ, ‘वर्तमान साहित्य’ का लगभग पंद्रह वर्षों तक संपादन सम्मान इंदु शर्मा अंतरराष्ट्रीय कथा सम्मान, उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान का सम्मान, सफदर हाशमी सम्मान, साहित्य शिरोमणि संपर्क टी-101, आम्रपाली सिलिकॉन सिटी, सेक्टर 76, नॉएडा -201306 (उत्तर प्रदेश)

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