PASHCHIMI JERMANY PAR UDTI NAZAR

Format:Paper Back

ISBN:81-8143-587-7

Author:MANOHAR SHYAM JOSHI

Pages:120

MRP:Rs.150/-

Stock:In Stock

Rs.150/-

Details

पश्चिमी जर्मनी पर उड़ती नज़र

Additional Information

'पश्चिमी जर्मनी पर उड़ती नज़र' मनोहर श्याम जोशी की पश्चिमी जर्मनी की यात्रा के दौरान देखे मांगे अनुभवों का जीवंत दस्तावेज है। इस यात्रा संस्मरण की विशेषता यह है कि वर्णन करते हुए लेखक कहीं भी अपनी विद्वता को नहीं होने देता। लेकिन साथ ही कहीं भी वह वर्णन को सूचना मात्र होने से भी बचाता चलता है। जोशी जी की पारखी नज़र पश्चिमी जर्मनी के बहाने पश्चिमी जगत के सम्पन्न देशों द्वारा प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन पर आधारित उपभोक्ता संस्कृति का बारीकी से उद्घाटन करती चलती है। लगे हाथ वे भारतीय परिदृश्य से उसकी तुलना भी करते चलते हैं। जाहिर है यह एक तटस्थ सैलानी की नहीं बल्कि एक सुधी निरीक्षक की नज़र है, जिसमें जोशी जी के साहित्यकार और पत्रकार दोनों व्यक्तित्व एकाकार हो गये हैं।

About the writer

MANOHAR SHYAM JOSHI

MANOHAR SHYAM JOSHI मनोहर श्याम जोशी 9 अगस्त, 1933 को अजमेर में जन्मे, लखनऊ विश्वविद्यालय के विज्ञान स्नातक मनोहर श्याम जोशी ‘कल के वैज्ञानिक’ की उपाधि पाने के बावजूद रोजी-रोटी की खातिर छात्रा जीवन से ही लेखक और पत्राकार बन गये। अमृतलाल नागर और अज्ञेय इन दो आचार्यों का आषीर्वाद उन्हें प्राप्त हुआ। स्कूल मास्टरी, क्लर्की और बेरोजगारी के अनुभव बटोरने के बाद अपने 21वें वर्श से वह पूरी तरह मसिजीवी बन गये। प्रेस, रेडियो, टी.वी., वष्त्तचित्रा, फिल्म, विज्ञापन-सम्प्रेशण का ऐसा कोई माध्यम नहीं जिसके लिए उन्होंने सफलतापूर्वक लेखन-कार्य न किया हो। खेल-कूद से लेकर दर्शनशास्त्र तक ऐसा कोई विशय नहीं जिस पर उन्होंने कलम न उठाई हो। आलसीपन और आत्मसंशय उन्हें रचनाएँ पूरी कर डालने और छपवाने से हमेशा रोकता चला आया है। पहली कहानी तब छपी थी जब वह अठारह वर्श के थे लेकिन पहली बड़ी साहित्यिक कृति प्रकाशित करवाई जब सैंतालीस वर्श के होने आये। केन्द्रीय सूचना सेवा और टाइम्स ऑफ इंडिया समूह से होते हुए सन् 1967 में हिन्दुस्तान टाइम्स प्रकाशन में साप्ताहिक हिन्दुस्तान के सम्पादक बने और वहीं एक अंग्रेजी साप्ताहिक का भी सम्पादन किया। टेलीविजन धारावाहिक ‘हम लोग’ लिखने के लिए सन् 1984 में सम्पादक की कुर्सी छोड़ दी और तब से स्वतन्त्रा लेखन करते रहे । निधन: 30 मार्च 2006।

Customer Reviews

No review available. Add your review. You can be the first.

Write Your Own Review

How do you rate this product? *

           
Price
Value
Quality