AMITABH KI SANGHARSH-KATHA

Format:Hard Bound

ISBN:978-93-8868-442-2

Author:YUGANK DHIR

Pages:150

MRP:Rs.395/-

Stock:In Stock

Rs.395/-

Details

अमिताभ बच्चन की सफलता और लोकप्रियता जितनी चमत्कारपूर्ण है, उनका व्यक्तित्व भी उतना ही चमत्कारपूर्ण है। उनकी अभूतपूर्व सफलता और लोकप्रियता के पीछे कई कारण हो सकते हैं, लेकिन इनमें से सबसे बड़ा कारण उनका दुर्लभ, विशिष्ट और चमत्कारपूर्ण व्यक्तित्व ही है। इस पुस्तक में उनके व्यक्तित्व के इन्हीं अनछुए पहलुओं को समझने और इनके सन्दर्भ में उनकी सफलता और लोकप्रियता का आकलन करने का प्रयास किया गया है। और उनके व्यक्तित्व की उन सीमाओं को समझने का प्रयास भी, जिनके कारण अपने फिल्मी-कैरियर के शुरुआती दौर में उन्हें एक के बाद एक कई कष्ट-साध्य और अपमानजनक सफलताओं और अस्वीकृतियों का मुँह देखना पड़ा।

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About the writer

YUGANK DHIR

YUGANK DHIR युगांक धीर पंजाब में जन्मे, दिल्ली में पले-बढ़े और मुंबई में कार्यरत रहे (सात वर्ष 'धर्मयुग' में भी) युगांक धीर ‘इज़ाडोरा की प्रेमकथा', 'रूसो की आत्मकथा', 'गॉन विद द विंड' और 'द फर्स्ट लेडी चटर्ली' जैसी लगभग एक दर्जन कृतियों के उत्कृष्ट अनुवाद के कारण पिछले कुछ वर्षों से चर्चा में हैं। अब वाणी प्रकाशन से एक साथ उनकी दो मौलिक कृतियों - 'अमिताभ की संघर्ष-कथा' और 'सार्च का सच' के प्रकाशन को मौलिक लेखन के क्षेत्र में उनके पहले कदम के रूप में देखा जा सकता है। ‘सार्त्र का सच' के बारे में उनका कहना है कि 'भारत में बैठकर किसी विदेशी व्यक्तित्व पर एक मौलिक पुस्तक लिखना लगभग असंभव सा काम है, इसलिए इस पुस्तक की मौलिकता की अपनी सीमाएं हैं। लेकिन इस पुस्तक का कथानक, प्रस्तुतीकरण और 'विषय-वस्तु पूरी तरह से मौलिक है, और 'सार्च को मैने उसी रूप में प्रस्तुत किया है।

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