ADHOORE SAKSHATKAR

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ISBN:81-7055-175-7

Author:NEMICHANDRA JAIN

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MRP:Rs.200/-

Stock:Out of Stock

Rs.200/-

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इस अध्ययन का आरम्भ आधुनिक हिन्दी उपन्यास की मानवीय और कलात्मक सार्थकता की खोज में हुआ था। इसमें स्वतंत्रता के बाद से 1965 तक प्रकाशित कुछ चुने हुए महत्वपूर्ण उपन्यासों और उनमें निहित भावधाराओं का ऐसा विश्लेषण है जो एक साथ ही उनके महत्त्व और उनकी असफलता, दोनों के मूलभूत केन्द्रों के अन्वेषण को, और इस प्रकार उनकी सर्जनात्मक उपलब्धि के वर्तमान स्तर तथा भावी दिशा को पहचानने का प्रयास करता है।

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NEMICHANDRA JAIN

NEMICHANDRA JAIN नेमिचन्द्र जैन, जन्म: 16 अगस्त, 1919 (आगरा)। शिक्षा: एम.ए. (अंग्रेजी)। कवि, समालोचक, नाट्य-समीक्षक, पत्रकार, अनुवादक, शिक्षक। 1959-76 राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय में वरिष्ठ प्राध्यापक, 1976-82 जवाहरलाल नेरूह विश्वविद्यालय के कला अनुशीलन केन्द्र के फैलो एवं प्रभारी। अंग्रेजी दैनिक ‘स्टेट्समैन’ के नाट्य-समीक्षक, ‘दिनमान’ तथा ‘नवभारत टाइम्स’ के स्तम्भकार एवं रंगमंच की विख्यात पत्रिका ‘नटरंग’ से संस्थापक संपादक। कविताएं: ‘तार सप्तक’, (1944), ‘एकान्त’ (1973) अनुवाद: नाटक, उपन्यास, कविता, समालोचना, इतिहास, समाजशास्त्र, दर्शन, राजनीति सम्बन्धी अनेक ग्रन्थ। नाट्य विशेपज्ञ के रूप में रूप, अमरीका, इंगलैंड, पश्चिम एवं पूर्वी जर्मनी, फ्रांस, यूगोस्लाविया, चेकोस्लोवाकिया, पौलेंड आदि देशों की यात्रा।

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