CHUNAV: ATH BETAL KATHA

Format:Hard Bound

ISBN:978-93-5000-545-3

Author:AJAY KUMAR

Pages:108

MRP:Rs.200/-

Stock:In Stock

Rs.200/-

Details

अथ बेताल कथा

Additional Information

यह पंचतंत्र की कथा नहीं है। यह आज की कहानी है। हर कहानी की अपनी कहानी है। यानी जीवन के विविध रंगों की कहानियाँ इसमें राजनीति के रंग हैं तो उसके कई चेहरे भी हैं। उन चेहरों की आकृतियों को विक्रम-बेताल पहचानने की कोशिश करते हैं। उसके बारे में पाठकों को बताते हैं। हम कह सकते हैं कि ये दोनों पात्र सूत्रधार हैं और समय के साथ चलते हैं। वे जो देखते हैं, उसे बयान करते हैं। वे जो महसूस करते हैं, उसका सीधा-सपाट ब्योरा ही नहीं देते। उसकी तह तक जाने की कोशिश भी करते हैं। शायद समय की विडम्बनाओं पर तरस खाते हैं। बात राजनीति की हो या घर-आँगन की, सभी जगह विक्रम-बेताल पहुँचने की कोशिश करते हैं। दोनों पात्र सहज अन्दाज में अपनी बात कहते हैं, बिना लाग-लपेट के। वे बौद्धिकता को हथियार बना कर हमला नहीं करते। वे आम आदमी हैं और उन्हीं की शैली में बात करते हैं। - कुमार मुकुल

About the writer

AJAY KUMAR

AJAY KUMAR अजय कुमार जन्म और पढ़ाई-लिखाई भोजपुर के आरा से। माता-पिता ने नाम दिया अजय कुमार इसी पहचान से 1990 से प्रभात खबर में बतौर प्रशिक्षु संवाददाता काम शुरू किया। वर्ष 2005 में उसी अखबार के पटना संस्करण में स्थानीय सम्पादक की जिम्मेदारी निभायी। इसके पहले दैनिक हिन्दुस्तान, पटना में मुख्य संवाददाता, रांची हिन्दुस्तान में ब्यूरो प्रमुख, जमशेदपुर में स्थानीय सम्पादक और फिलहाल पटना में सम्पादक समन्वय के पद पर कार्यरत। लिखने-पढ़ने को लेकर गहरी रुचि। रंगमंच अब भी खींचता है। आरा में रंगमंच की संस्था लयुवानीतिब से जुड़ाव रहा। 2003 पटना पुस्तक मेला में सुरेन्द्र प्रताप सिंह सम्मान से नवाज़े गये।

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