Ganit : Shuriati Gatividhyan

Format:Paper Back

ISBN:978-81-905112-7-2

Author:BHAGWAN SINGH

Pages:60

MRP:Rs.100/-

Stock:In Stock

Rs.100/-

Details

गतिविधि-बच्चों को कुछ चीजें़ देकर उनके आधा, तिहाई, चौथाई हिस्से करने को कहें। फिर चर्चा द्वारा उनको बताएँ कि किसी चीज़ के दो, तीन या चार हिस्से किये इसलिए पहले 4 लिखते हैं। अब उन चार में से हर हिस्सा उस वस्तु का एक भाग है इसलिए उसको 4 के ऊपर लिखते हैं।

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About the writer

BHAGWAN SINGH

BHAGWAN SINGH जन्म : 1931 में गोरखपुर जनपद के गगहा गाँव में। साहित्य की विविध विधाओं में लेखन। उनका शोधपरक लेखन इतिहास और भाषा के क्षेत्र में रहा है। प्रकाशित कृतियाँ : काले उजले टीले (1964); महाभिषग (1973); अपने अपने राम (1992); परम गति (1999); उन्माद (2000); शुभ्रा (2000); अपने समानान्तर (1970); इन्द्र धनुष के रंग (1996)। शोधपरक रचनाएँ : स्थान नामों का भाषावैज्ञानिक अध्ययन (अंशत: प्रकाशित, नागरी प्रचारिणी पत्रिका, 1973); आर्य-द्रविड़ भाषाओं की मूलभूत एकता (1973); हड़प्पा सभ्यता और वैदिक साहित्य, दो खंडों में (1987); दि वेदिक हड़प्पन्स (1995); भारत तब से अब तक (1996); भारतीय सभ्यता की निर्मिति (2004); भारतीय परंपरा की खोज (2011); प्राचीन भारत के इतिहासकार (2011); कोसंबी : मिथक और यथार्थ (2011)। सम्प्रति : 'ऋग्वेद की परम्परा’ पर धारावाहिक लेखन, 'नया ज्ञानोदय’ में।

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