Saath Geet Ratna

Format:Hard Bound

ISBN:81-7055-179-X

Author:PUSHPA BHARTI

Pages:154

MRP:Rs.150/-

Stock:In Stock

Rs.150/-

Details

पचासों बरस की जियी हुई उन तमामों यादों को आँचल में बाँधकर-बच्चन जी के विपुल काव्यसाहित्य के विशाल समुद्र में से ये साठ गीत रत्न निकाले हैं-किन्तु यह स्पष्ट कर देना ज़रूरी समझती हूँ कि इन गीतों को उनके काव्यसाहित्य का प्रतिनिधि न माना जाय। क्योंकि उनके काव्य के जो विविध स्तर और विभिन्न भावभूमियाँ हैं वह सभी इस संकलन में प्रतिबिम्बित नहीं हैं। इसमें तो केवल उनके वे गीत हैं जो गेय हैं और कविसम्मेलनों में खूब सुने गये हैं। बच्चन जी ने लोकधुनों पर आधारित गीत लिखने का अभिनव प्रयोग किया था, लोकगीतों के रंग के वे गीत तथा कुछ साहित्यिक गीत ही प्रस्तुत पुस्तक में संकलित किए गये हैं। इसे उनके गीतों के प्रतिनिधि संकलन के रूप में ही समझा जाना होगा।

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About the writer

PUSHPA BHARTI

PUSHPA BHARTI हिन्दी साहित्य की महत्त्वपूर्ण हस्ताक्षर पुष्पा भारती का जन्म 1935 में उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में हुआ था। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से हिन्दी साहित्य में एमए पुष्पा जी ने कुछ समय तक कोलकाता में अध्यापन भी किया। धर्मवीर भारती से विवाह के बाद मुम्बई आयीं और मुक्ताराजे के छद्म नाम से लेखन की शुरुआत की। पुष्पा जी ने विश्व प्रसिद्ध लेखकों और कलाकारों के निजी प्रेम प्रसंगों पर आधारित उनकी निजी प्रेम गाथाएँ लिखीं। वेंकटरामन, राजीव गाँधी, सोनिया गाँधी, अमिताभ बच्चन और सचिन तेंदुलकर समेत तमाम विशिष्ट व्यक्तियों के साक्षात्कार लिए। राजस्थान शिक्षा विभाग के आग्रह पर 'एक दुनिया बच्चों की' का सम्पादन किया। लम्बे समय तक बाल चित्र निर्माण संस्था (सीएफएसआई) से जुड़ी रहीं। इनकी प्रकाशित कृतियाँ हैं। ‘आधुनिक साहित्य बोध’, ‘रोमांचक सत्य कथाएँ’, ‘शुभागत’, ‘रोचक राजनीति’, ‘हिन्दी के तीन उपन्यास’, ‘ढाई आखर प्रेम के’, ‘अमिताभ आख्यान’, ‘सरस संवाद’ और ‘सफर सुहाने’।

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