Zehrili Hawa

Format:Hard Bound

ISBN:81-8143-230-04

Author:HABIB TINVIR

Pages:116

MRP:Rs.125/-

Stock:In Stock

Rs.125/-

Details

नाटक है तो 1984 की यूनियन कार्बाइड की गैस त्रासदी के बारे में लेकिन इसके अन्दर विषय की बहुत सी परतें दबी हुई हैं। सबसे ज़्यादा महत्त्वपूर्ण बात ये है कि हम अपने उद्योग की उन्नति और विकास के चक्कर में भूमंडलीकरण और बहुराष्ट्रीयता के शिकार हो जाते हैं। इसी का नतीजा वो त्रासदी है जिसकी केमिकल इंडस्ट्री के इतिहास में कोई मिसाल नहीं मिलती।

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HABIB TINVIR

HABIB TINVIR नाटककार, निर्देशक, प्रोड्यूसर, अभिनेता, पत्रकार, संपादक, कवि और ‘नया थिएटर’ के संस्थापक। 1 सितंबर, 1923 को रायपुर, मध्यप्रदेश में जन्मे हबीब तनवीर की शिक्षा मौरिस कॉलेज, नागपुर में हुई। 1954 में यूनाइटेड किंगडम गए और वहाँ विभिन्न संस्थानों से थिएटर का प्रशिक्षण प्राप्त किया। 1959 में ‘नया थिएटर’ की स्थापना। प्रमुख नाटक: शतरंज के मोहरे, आगरा बाज़ार, मिट्टी की गाड़ी, मिर्जा शोहरत बेग़, लाला शोहरत राय, बहादुर क्लारिन, शाजापुर की शांतिबाई, देख रहे हैं नयन, मुद्राराक्षस, कामदेव का अपना वसंत ऋतु का सपना, सड़क, हिरमा की अमर कहानी और चरनदास चोर (जिसके 1000 से अधिक प्रदर्शन हो चुके हैं)। सम्मान: केन्द्रीय संगीत नाटक अकादमी अवार्ड; जवाहरलाल नेहरू फैलोशिप; मध्यप्रदेश सरकार का शिखर सम्मान; नांदिकर पुरस्कार, कोलकाता; पद्मश्री; इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ और रवीन्द्र भारती विश्वविद्यालय, कोलकाता से डी.लिट्.; ग़ालिब अकादमी उर्दू नाटक पुरस्कार; महाराष्ट्र स्टेट उर्दू अकादमी, कविता एवं नाट्य लेखन पुरस्कार; हिन्दी साहित्य सम्मेलन, भोपाल से लेखन पुरस्कार; आदित्य विक्रम बिरला कला शिखर पुरस्कार; साहित्य कला परिषद पुरस्कार, दिल्ली; कालिदास सम्मान; साहित्य अकादमी पुरस्कार, दिल्ली; पद्मभूषण व अन्य अनेक पुरस्कार।

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