GEETKAR NEERAJ

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ISBN:81-7055-527-2

Author:DR.C.VASANTA

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MRP:Rs.200/-

Stock:In Stock

Rs.200/-

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कवि सम्मेलन के कवियों मंे और अन्य कवियों में (जिन्हें साहित्य के इतिहास में स्थान मिला है, ऐसे कवियों में) अन्त किये जाने का कारण क्या हो सकता है? सामान्य रूप में कवि सम्मेलन के कवियों को बहुत महत्व नहीं दिया जाता। अच्छे कवि कवि सम्मेलनों में प्रायः जाने भी नहीं। इसीलिए कवि सम्मेलनों में गीतकार अच्छे पर भी उनके गीत, गीत ही माने गए-कविता नहीं। संभवतः इसीलिए नीरज के गीत, गीत ही माने गए हों और उनके कवि रूप की ओर ध्यान नहीं गया हो। गीतों में अभिरुचि रखने के कारण श्रीमती सी.वसन्ता ने प्रस्तुत विषय का चयन किया और अपने विषय पर दृढ़ आस्था रखते हुए काम किया। काम कितने श्रम से किया गया है, यह प्रबन्ध पढ़ने पर ही समझना जा सकेगा।

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DR.C.VASANTA

DR.C.VASANTA डॉ. सी. वसन्ता, जन्म: तथा प्राथमिक शिक्षा हैदराबाद, 1978 में उस्मानिया विश्वविद्यालय हैदराबाद से हिन्दी में एम.ए.। 1986 में मराठवाड़ा विश्वविद्यालय से पी-एच.डी. 1979 में इलाहाबाद से साहित्य रत्न। प्रकाशित रचनाएं: मृत्युलीला-जीवन हेला (हिन्दी उपन्यास) लोहे की कमर पेटियां (तेलुगु का अनुवाद) इत्यादि। कुछ हिन्दी तथा तेलुगु कहानियां प्रकाशित। प्रकाशनाधीन रचनाएं विवाह संस्कार स्वरूप एवं विकास (तेलुगु का अनुवाद) देवालयों पर पर मैथुन मूर्तियां क्यों? (तेलुगु का अनुवाद) प्रजनन तंत्र एवं देवी भावना (तेलुगु का अनुवाद)।

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