HINDI SAHITYA KA VIKAS : AITIHASIK DRISHTIKON

Format:Hard Bound

ISBN:978-93-5072-719-5

Author:DR. DEVENDRA KUMAR SHARMA

Pages:219

MRP:Rs.450/-

Stock:In Stock

Rs.450/-

Details

1900-1950 देश के इतिहास का वह कालखण्ड है जिसमें एक ओर अनेक राष्ट्रीय आन्दोलन हुए तो दूसरी ओर हिन्दी साहित्य ने अपने चरम को छुआ। साहित्य के पटल पर सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’, सुमित्रानन्दन पन्त, महादेवी वर्मा, हरिवंश राय बच्चन, प्रेमचन्द, डॉ. रामकुमार वर्मा जैसे साहित्यकारों का आविर्भाव हुआ। सरस्वती, चाँद, मर्यादा, स्त्रीदर्पणी, हिन्दुस्तानी तथा अन्य साहित्यिक पत्र-पत्रिकाएँ देश के कोने-कोने से निकलना प्रारम्भ हुईं। नागरी प्रचारिणी सभा, हिन्दी साहित्य सम्मेलन, हिन्दुस्तानी एकेडमी, परिमल, हिन्दी लेखक संघ, भारतीय हिन्दी परिषद, साहित्यकार संसद जैसी संस्थाओं का निर्माण हुआ। ‘हिन्दी साहित्य के विकास 1900-1950’, में इसी साहित्यिक आन्दोलन को ऐतिहासिक दृष्टिकोण से देखा गया है। इस साहित्यिक आन्दोलन का केन्द्र प्रयाग रहा है अतः पुस्तक के केन्द्र बिन्दु में भी प्रयाग ही है।

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DR. DEVENDRA KUMAR SHARMA

DR. DEVENDRA KUMAR SHARMA 20 नवम्बर 1973 को बरगांय जिला दतिया में जन्म। आरम्भिक शिक्षा ग्राम के ही प्राथमिक विद्यालय में हुई। उच्च शिक्षा के लिए जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर, राष्ट्रीय अभिलेखागार, नयी दिल्ली तथा इलाहाबाद विश्वविद्यालय की ओर रुख किया। देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय इलाहाबाद विश्वविद्यालय से सन् 2001 में डी.फिल. की उपाधि प्राप्त की। इसी अवधि में विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में लिखना आरम्भ किया तथा इलाहाबाद से प्रकाशित होने वाली मासिक पत्रिका ‘सिटी गाइड’ के सहायक सम्पादक का भार सँभाला। 1999 में ईश्वर शरण महाविद्यालय (इलाहाबाद विश्वविद्यालय) में इतिहास के प्रवक्ता के रूप में नियुक्ति हुई, जहाँ सन् 2003 तक रहे। आपके अनेक शोध पत्र राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं जिनमें प्रमुख हैं - ‘सर सफात अहमद खाँ और भारतीय इतिहास’, ‘सर सफात अहमद खाँ और भारतीय ऐतिहासिक अभिलेख आयोग’, ‘खान शाकिर अली खान और प्रजामण्डल’, ‘डेवलपमेंट आफ एजुकेशन अंडर द कम्पनी रूल’, ‘अंडरस्टैंडिंग 1857 इन भोपाल स्टेट’, ‘पार्टीशन एण्ड रिफ्यूजी रीसेटलमेंट इन दतिया’, ‘रोल आफ पं. मदन मोहन मालवीय इन एजूकेशन,’ ‘इलाहाबाद की साहित्यिक संस्थाएँ और उनका राष्ट्रीय आन्दोलन में योगदान’ इत्यादि। सम्प्रति डॉ. देवेन्द्र कुमार शर्मा वर्तमान में राष्ट्रीय अभिलेखागार, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार, नयी दिल्ली में कार्यरत हैं।

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