PACHAS KAVITAYEN - VISHVANATH PARSAD TIWARI

Format:Paper Back

ISBN:978-93-5072-413-2

Author:VISHVANATH PARSAD TIWARI

Pages:100

MRP:Rs.65/-

Stock:In Stock

Rs.65/-

Details

नयी सदी के लिए चयन : पचास कविताएँ

Additional Information

विश्वनाथ प्रसाद तिवारी आधुनिक संवेदना और चिन्ता के प्रखर कवि हैं और उन्हें अपने साहित्यिक और लोक संस्कारों ने एक ऐसी व्यंजक, उत्तप्त और खरी भाषा दी है, जिसमें उनके कथ्य की आँच और धधक उठती है, जो उन्हें अन्य कवियों से अलग करती है। -प्रभाकर श्रोत्रिय/ विश्वनाथ प्रसाद तिवारी में समकालीन जीवन की कटुता, विषमता, अन्याय, अत्याचार, भयावहता के संकेत हैं, लेकिन प्रमुख स्वर इन सबको स्वीकार करके ऊपर उठने की ओर है। उनका मूल स्वर जीवन में आस्था का है। -चन्द्रकान्त बांदिवडेकर/ विश्वनाथ प्रसाद तिवारी कविता में कहते कम और छिपाते ज़्यादा हैं। बेहतर दुनिया के लिए वे अपने समकालीन कवियों से अलग रास्ते की तलाश में आखरों की अनन्त शक्ति को वहाँ तक पहुँचाने की व्यग्रता में दिखते हैं, जहाँ वे कह सकते हैं कि फिर भी कुछ रह जाएगा। -लीलाधर जगूड़ी/ विश्वनाथ प्रसाद तिवारी की कविताएँ चुपचाप इस तथ्य की ओर भी इंगित करती हैं कि उनके यहाँ कविता सृजन है, उत्पादन नहीं। कल्पनाशीलता, समय की तपिश, अनुभव की मार्मिकता और शब्द को बरतने की तरतीब-ये सब मिल कर उनकी कविता को एक भिन्न व्यक्तित्व प्रदान करते हैं। -एकान्त श्रीवास्तव/ विश्वनाथ प्रसाद तिवारी की कविता अनिवार्यतः रची जाने के बावजूद स्वयं रचती प्रतीत होती है। अक्सर उनकी कविता के भीतर अनवरत यात्रा का अहसास तो है, क्योंकि किसी क्षण विशेष ने उनकी कविता को जन्म नहीं दिया, बल्कि बृहत्तर अनुभव-यात्रा ने उनकी कविताओं को जन्म दिया है। -ए. अरविन्दाक्षन

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VISHVANATH PARSAD TIWARI

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