PAANCH BEHATREEN KAHANIYAN

Format:Paper Back

ISBN:978-93-5072-258-9

Author:PRABHAT RANJAN

Pages:75

MRP:Rs.75/-

Stock:In Stock

Rs.75/-

Details

पाँच बेहतरीन कहानियाँ

Additional Information

"बैंक खाते में भले धन का अभाव रहता हो मेरे ईमेल खाते में इस तरह से आभासी रूप में करोड़ों रुपए जमा होते जा रहे हैं। मेरे तो कुछ समझ में नहीं आ रहा है... पत्नी सलाह देती रहती है कि ईमेल का कनेक्शन कटवा दीजिए नहीं तो किसी दिन किसी चाल में फँस जाइएगा... तुम ही कुछ सलाह दो... क्या करना चाहिए?’ मैं सलाह क्या देता मुझे तो सुबिमल मास्टर की कहानी याद आने लगी है..."

About the writer

PRABHAT RANJAN

PRABHAT RANJAN प्रभात रंजन का जन्म 3 नवम्बर 1970, सीतामढ़ी, बिहार में हुआ। इन्होंने कहानियाँ और आलोचनाएं लिखी है। जानकीपुल, बोलेरो क्लास (कहानी संग्रह); पत्रकारिता के युग निर्माता : मनोहर श्याम जोशी (आलोचना) प्रभात रंजन की प्रमुख कृतियाँ हैं। एन फ्रैंक की डायरी, श्रीनगर का षड्यन्त्र (अंग्रेजी उपन्यास: विक्रम चन्द्रा), एस. हुसैन ज़ैदी की किताब ‘मुम्बई की माफिया हसीनाएँ’, जल चुके परवाने कई का अनुवाद किया है। अंग्रेजी लेखक मोहसिन हामिद के उपन्यास ‘मोथ स्मोक’ का अनुवाद प्रकाशित हुआ है। राही मासूम रज़ा के प्रसिद्ध धारावाहिक ‘नीम का पेड़’ का उपन्यास रूपान्तरण प्रकाशित हुआ है। ‘जानकीपुल’ ब्लॉग पर यह नियमित रूप से लिखते हैं। बहुवचन के छह अंकों का सम्पादन किया है। प्रभात रंजन को प्रेमचन्द सम्मान, सहारा समय कथा सम्मान से सम्मानित किया गया है।

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