GANDHARVSEN

Format:Paper Back

ISBN:978-93-5072-269-5

Author:SHARAD PAGARE

Pages:324


MRP : Rs. 150/-

Stock:In Stock

Rs. 150/-

Details

गन्धर्वसेन

Additional Information

'गन्धर्वसेन' पुरुष की आँखों में देखी स्त्री की इच्छाओं, स्वप्नों, उम्मीदों की वह दुनिया है जिसमें प्रेम की तीव्र उत्तेजना, सौन्दर्य का सहज दर्प और आहत प्रेम की टीस मौजूद है। यहाँ नारीवादी सरलीकृत टोटके नहीं हैं बल्कि स्त्री की उस त्रासदी को शब्दबद्ध किया गया है जिसका सूत्रधार पुरुष सदियों से होता आया है। / इस औपन्यासिक कृति में अद्भुत सम्मोहन है। कथारस की दृष्टि से पौराणिक रचनाओं सरीखा आस्वाद प्रदान करनेवाली इस रचना की पृष्ठभूमि बेशक ऐतिहासिक है लेकिन यहाँ लेखक ने अकादमिक इतिहासकार की तरह कोरा तथ्य-संग्रह नहीं किया है बल्कि नीरस ऐतिहासिक ब्योरों का जैसा रचनात्मक इस्तेमाल किया है; वह एक अनुभव है। / इसके पात्रों के चित्रण और वातावरण पर इतिहास की छाप है। दूसरी सदी की उज्जयिनी के दुर्ग, सप्तखंडप्रासाद, वीथियाँ, प्रेक्षागार, उद्यान, महाकालवन सप्तखंडप्रासाद, राजनर्तकी के प्रासाद के साथ ही लेखक ने उस समय के मनुष्य और उनके सामाजिक सरोकारों को बखूबी उभारा है लेकिन वह मालवा-निमाड़ के प्राकृतिक उपकरणों के स्थिर वर्णनों की बजाय उनमें जीवन और सबसे बढ़कर काल की अन्तहीन गति को पकड़ता है। यही कारण है कि इस उपन्यास के पात्र आज के मनुष्य लगते हैं क्योंकि लेखक ने मनुष्य के शाश्वत जीवन धर्म को पहचाना है। / गन्धर्वसेन क्षिप्रा के दर्द की विचलित करनेवाली मर्मकथा है। जिसमें गलदश्रुभावुकता या करुणावादी अतिरेक नहीं है। दूसरी सदी की नायिका सरस्वती और उज्जयिनी नरेश गन्धर्वसेन की ऐसी प्रणयगाथा है जिसमें नारी-मन का सच्चा सन्ताप और शोकाकुल शब्दों में लिखी उसकी व्यथा अंतस को झकझोर देती है। / लेखक ने पारम्परीण शास्त्र, इतिहास और रचनाओं से सहायता ली है लेकिन दृष्टि उनकी अपनी है इसीलिए यह बृहत् उपन्यास अतीत का मौलिक पुनःसृजन करता है।

About the writer

SHARAD PAGARE

SHARAD PAGARE शरद पगारे जन्म-स्थानः खण्डवा, मध्य प्रदेश। शिक्षा : इतिहास में एम.ए.. पीएच.डी.। सेवानिवृत्त : प्रोफ़ेसर एवं प्राचार्य, उच्च शिक्षा, मध्य प्रदेश शासन। विशेष : विजिटिंग प्रोफ़ेसर के रूप में शिल्पकर्ण विश्वविद्यालय, बैंकॉक-थाईलैंड में अध्यापन। विदेश यात्राएँ : थाईलैंड, हांगकांग, सिंगापुर, मॉरीशस, श्रीलंका एवं यूरोप। प्रकाशित कृतियाँ उपन्यास : गुलारा बेग़म, गन्धर्वसेन, बेग़म जैनाबादी, उजाले की तलाश, पाटलिपुत्र की सम्राज्ञी, शोध प्रबन्ध, ज़िन्दगी एक सलीब-सी, ज़िन्दगी के बदलते रूप। कहानी संग्रह : एक मुट्ठी ममता, सांध्य तारा, नारी के रूप (दा संस्करण), दूसरा देवदास, श्रेष्ठ कहानियाँ। अनेक कहानियों का उड़िया, मराठी, मलयालम, कन्नड़, तेलुग में अनुवाद एवं प्रकाशन। भारत की श्रेष्ठ ऐतिहासिक प्रेम कहानियाँ, शरद पगारे के दो नाटक। सम्मान एवं पुरस्कार : मध्य प्रदेश साहित्य परिषद् का विश्वनाथ सिंह पुरस्कार (गलारा बेग़म), अखिल भारतीय दिव्य एवं हिन्दी साहित्य सम्मेलन का वागीश्वरी पुरस्कार (बेग़म जैनाबादी), मध्य प्रदेश लेखक संघ का अक्षर आदित्य अलंकरण। साहित्य मण्डल, श्रीनाथ द्वारा (राजस्थान) का हिन्दी भाषा भूषण सम्मान। अखिल भारतीय भाषा साहित्य सम्मेलन का हिन्दी भाषा भूषण सम्मान, मध्य प्रदेश कला परिषद् का अभिनव शब्द, शिल्पी सम्मान, हिन्दी साहित्य सम्मलन, प्रयाग का साहित्य वाचस्पति बालकृष्ण शर्मा नवीन अलंकरण (पाटलिपत्र की सम्राज्ञी), अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन में सुजन गाथा रायपुर एवं राजस्थानी साहित्य अकादमी उदयपर का अन्तर्राष्ट्रीय सम्मान (ज़िन्दगी के बदलते रूप)। सम्पर्क: सुमन कुंज, 110, स्नेह नगर, नवलखा, इंदौर (म.प्र.)-452001

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