CHHATHI LADKI

Original Book/Language: मलयालम भाषा से हिन्दी भाषा में अनूदित.

Format:Paper Back

ISBN:978-93-5072-959-5

Author:SETHU

Translation:छठी लड़की’ सेतु जी का 2006 में प्रकाशित उपन्यास है। यह उपन्यास कादम्बरी नामक एक अनाथ लड़की के जीवन के उतार-चढ़ाव को अत्यन्त मार्मिक ढंग से प्रस्तुत करता है। स्त्री के प्रति पुरुष का वस्तुवादी दृष्टिकोण, विवेकहीन प्रेम की पराजय, कामासक्ति से उत्पन्न पारिवारिक एवं मानवीय सम्बन्धों का विघटन, पारिस्थितिक सजगता से उपजी नयी दृष्टि आदि-इस छोटे उपन्यास में समाहित हैं। गोया कि अपने समय के स्पन्दन को ही नहीं आगामी सामाजिक एवं मानवीय सम्बन्धों के बदलते सन्दर्भों को भी बहुत ही दूरदर्शिता के साथ इसमें उभारा गया है। यह एक रचनाकार की गहरी समझ एवं दीर्घ दृष्टि को सूचित करता है। यह उपन्यास जरूर पाठक के अन्तःमन में एक अव्याख्येय पीड़ा को जगायेगा। मानवीय सम्बन्धों की शिथिलता को देखकर कोई भी संवेदनशील पाठक अपने आप को नियन्त्रित रखने में असमर्थ पायेगा। इस उपन्यास की सबसे बड़ी खूबी इसकी पठनीयता है। जो पाठक इसको पढ़ना शुरू करता है वह उसको पूरा किये बिना नहीं छोड़ता। फिर मनुष्य मन के भीतर की अमानवीयता के कलंक को उभारने तथा उसको मानवीयता के संस्पर्श से परिसंस्कृत करने की क्षमता इस उपन्यास में है। इसलिए कोई भी पाठक इससे गुजरने के उपरान्त अवश्य एक आत्ममंथन के लिए अनजाने ही तैयार हो उठेगा। यह इस उपन्यास की तथा रचनाकार की लेखन क्षमता की अद्भुत शक्ति है। ‘छठी लड़की’ हर किसी गाँव में हर किसी को परिचित छठी लड़कियों के अन्तरंग यथार्थ से होकर एक तीर्थयात्रा है।

Pages:144

MRP:Rs.150/-

Stock:In Stock

Rs.150/-

Details

मलयालम भाषा से हिन्दी भाषा में अनूदित.

Additional Information

छठी लड़की’ सेतु जी का 2006 में प्रकाशित उपन्यास है। यह उपन्यास कादम्बरी नामक एक अनाथ लड़की के जीवन के उतार-चढ़ाव को अत्यन्त मार्मिक ढंग से प्रस्तुत करता है। स्त्री के प्रति पुरुष का वस्तुवादी दृष्टिकोण, विवेकहीन प्रेम की पराजय, कामासक्ति से उत्पन्न पारिवारिक एवं मानवीय सम्बन्धों का विघटन, पारिस्थितिक सजगता से उपजी नयी दृष्टि आदि-इस छोटे उपन्यास में समाहित हैं। गोया कि अपने समय के स्पन्दन को ही नहीं आगामी सामाजिक एवं मानवीय सम्बन्धों के बदलते सन्दर्भों को भी बहुत ही दूरदर्शिता के साथ इसमें उभारा गया है। यह एक रचनाकार की गहरी समझ एवं दीर्घ दृष्टि को सूचित करता है। यह उपन्यास जरूर पाठक के अन्तःमन में एक अव्याख्येय पीड़ा को जगायेगा। मानवीय सम्बन्धों की शिथिलता को देखकर कोई भी संवेदनशील पाठक अपने आप को नियन्त्रित रखने में असमर्थ पायेगा। इस उपन्यास की सबसे बड़ी खूबी इसकी पठनीयता है। जो पाठक इसको पढ़ना शुरू करता है वह उसको पूरा किये बिना नहीं छोड़ता। फिर मनुष्य मन के भीतर की अमानवीयता के कलंक को उभारने तथा उसको मानवीयता के संस्पर्श से परिसंस्कृत करने की क्षमता इस उपन्यास में है। इसलिए कोई भी पाठक इससे गुजरने के उपरान्त अवश्य एक आत्ममंथन के लिए अनजाने ही तैयार हो उठेगा। यह इस उपन्यास की तथा रचनाकार की लेखन क्षमता की अद्भुत शक्ति है। ‘छठी लड़की’ हर किसी गाँव में हर किसी को परिचित छठी लड़कियों के अन्तरंग यथार्थ से होकर एक तीर्थयात्रा है।

About the writer

SETHU

SETHU सन् 1942 में चेंदमंगलम, जिला एरणाकुलम में जन्मे सेतुमाधवन (सेतु) ने तीस से अधिक पुस्तकों की रचना की है। सेतु जी साउथ इंडियन बैंक के चेयरमैन भी रहे हैं। केन्द्रीय साहित्य अकादेमी पुरस्कार, वलयार पुरस्कार, केरल साहित्य अकादेमी पुरस्कार, मुट्टत्तुवर्की पुरस्कार, मलयाट्टूर पुरस्कार, विश्वदीपम पुरस्कार, पद्मराजन पुरस्कार, ओटकुषल पुरस्कारों सहित अनेकानेक पुरस्कारों से पुरस्कृत हो चुके हैं। सम्प्रति नेशनल बुक ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं।

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