ASAMBHAV SARANSH

Format:Hard Bound

ISBN:81-7055-974-X

Author:ASHUTOSH DUBEY

Pages:118

MRP:Rs.100/-

Stock:Out of Stock

Rs.100/-

Details

असम्भव सारांश

Additional Information

असम्भव सारांश ये कविताएँ वे विस्मृत गुप्त अक्षर हैं जो नये द्वार खोलते हैं और इनकी ध्वनि की काया में अगणित आत्माएँ बसती हैं । इनमें से अनेक गहरी व्याख्या की माँग करती हैं । अलग-अलग और एक साथ इनमें स्वरबाहुल्य और सिम्फ़नीय तत्व है जो सभी-कुछ को देखता, महसूसता और बखानता चलता है । भारतीय परंपरा, संस्कृति और जीवन से प्रेरित ये कविताएँ एक वैश्विक दृष्टि लेकर चलती हैं जिससे ब्रह्मांड की गुत्थियों से लेकर भूख, गरीबी, अन्याय, गैर-बराबरी, पर्यावरण, अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार, सामूहिक आकांक्षाएँ, बच्चे, स्त्रियाँ आदि अछूत नहीं रहे हैं हिंदी में इस समय पचास वर्ष की आयु के आसपास और उससे छोटे कई समर्थ और प्रखर कवि हैं जिन्होंनें अपने दूसरे अनेक समवयस्कों और वरिष्ठों के लिए कवि-कर्म कठिन बना डाला है और उनमें से कुछ को तो अप्रासंगिक और निस्तेज-सा कर दिया है । आशुतोष दुबे उन्हीं सक्षम कवियों में हैं जो अपनी कृतित्व में जीवन सारांश को चरितार्थ कर रहे हैं लेकिन उनकी उपलब्धियों को सारांश-रूप में बखान पाना असंभव-सा बनाते जा रहे हैं ।

About the writer

ASHUTOSH DUBEY

ASHUTOSH DUBEY जन्म: 1963, इन्दौर। शिक्षा: अंग्रेजी साहित्य में पी-एच.डी. एवं पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक उपाधि। सृजन: चोर दरवाज़े से (1996) और असम्भव सारांश (2002) (कविता-संग्रह)। कुछ कविताएँ प्रमुख चयनित संग्रहों में सम्मिलित। कविताओं के अनुवाद कुछ भारतीय भाषाओं के अलावा अंग्रेजी और जर्मन में भी। सम्मान: रज़ा पुरस्कार, केदार सम्मान, अखिल भारतीय माखनलाल चतुर्वेदी पुरस्कार और वागीश्वरी पुरस्कार। सम्प्रति: मध्य प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग में अंग्रेजी के सहायक प्राध्यापक। लघुपत्रिका ‘आवेग’ से भी सम्बद्धता। सम्पर्क: 6, जानकीनगर विस्तार, इन्दौर-452001 फोन: (0731) 2404940 मोबाइल: 9826370577

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