Cuckoo Darling

Format:Paper Back

ISBN:978-93-5229-484-8

Author:RAMASHANKAR NISHESH

Pages:68

MRP:Rs.125/-

Stock:In Stock

Rs.125/-

Details

कुक्कू डार्लिंग

Additional Information

नाटक का नायक अविनाश रूढ़िवादी समाज के खोखले नियमों से विद्रोह कर घर त्याग देता है। जिससे पिता को काफी आघात पहुँचता है। एक ही पुत्र होने के कारण उनके बाद परिवार की डोर को आगे कौन सँभालेगा। परन्तु वह इन तमाम बातों की चिन्ता किये बिना घर छोड़ देता है। बाहर निकल उसे समस्त समाज का ढाँचा ही पूरी तरह से अस्त-व्यस्त दिखाई पड़ता है। वह देखता है छुआछूत से ग्रस्त लोग, व्यक्तिगत लाभ के लिए अपने सारे सिद्धान्तों को ताक पर रख देने वाले लोग, क्या गाँव, क्या शहर सभी पूरी तरह से भ्रष्ट हो चुके हैं। इन तमाम दोषों की चिन्ता किये बिना आगे बढ़ता जाता है एवं जितना आगे जाता है उतना ही इस वातावरण को और भी अधिक खोखला पाता है।

About the writer

RAMASHANKAR NISHESH

RAMASHANKAR NISHESH रमाशंकर निशेश सन् 1931 में जन्मे रमाशंकर निशेश रंगमंच के एक सुपरिचित नाटककार हैं। कुछ समय स्नातक के रूप में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय में रहे। इलाहाबाद नाट्य संघ द्वारा इनके कई नाटकों को पुरस्कृत किया गया। साहित्य कला परिषद् दिल्ली द्वारा नाटक 'आदमखोर' सर्वोत्तम नाट्य-लेखन के लिए प्रथम पुरस्कार से पुरस्कृत तथा दिल्ली नाट्य संघ द्वारा 1983 में रंगमंच में उनकी विशेष सेवाओं के लिए सम्मानित होने के साथ ही उन्हें वर्तमान में आठवाँ नटसम्राट सम्मान 2016 से भी सम्मानित किया गया। रंगमंच से पूर्णतया जुड़े रहने के कारण उनके सभी नाटक मंचनीय हैं रचनाएँ : आदमखोर; कुक्कू डार्लिंग; कोठा; अमीबा; अपभ्रंश; प्यार कैसे होता है; महासम्मेलन; सीपियाँ; मेमो; अपनी डफली, अपना राग; कुत्ता किसका है; डूबा वंश कबीर का।

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