PAANCH BEHATREEN KAHANIYAN

Format:Paper Back

ISBN:978-93-5072-319-7

Author:RAVINDRA KALIYA

Pages:112

MRP:Rs.75/-

Stock:In Stock

Rs.75/-

Details

पाँच बेहतरीन कहानियाँ

Additional Information

"मेरे लिए बहुत स्पेशल है, यह खत। ज़िन्दगी का पहला और आखिरी प्रेम-पत्र। शादी को इतने बरस हो गये, मेरे पति ने कभी पत्र नहीं लिखा, प्रेम-पत्र क्या लिखेंगे? वह मोबाइल कल्चर के आदमी हैं। हमारे घर में सभी ने पढ़ा है यह प्रेम-पत्र। यहाँ तक कि मेरे पति मेरी बेटियों को भी पढ़कर सुना चुके हैं यह पत्र। मेरे पति ने कहा था, इस बार अपने बॉयफ्रेंड से मिलकर आना।"

About the writer

RAVINDRA KALIYA

RAVINDRA KALIYA जन्म : जालन्धर, 1938 निधन : दिल्ली, 2016 रवीन्द्र कालिया का रचना संसार कहानी संग्रह व संकलन : नौ साल छोटी पत्नी, काला। रजिस्टर, गरीबी हटाओ, बाँकेलाल, गली कूचे, चकैया नीम, सत्ताइस साल की उमर तक, रवीन्द्र कालिया की कहानियाँ, इक्कीस श्रेष्ठ कहानियाँ, चुनिन्दा प्रेम कहानियाँ, पाँच बेहतरीन कहानियाँ, दस प्रतिनिधि कहानियाँ, मेरी प्रिय कहानियाँ। उपन्यास : ख़ुदा सही सलामत है, ए.बी.सी.डी, 17 | रानाडे रोड। संस्मरण : स्मृतियों की जन्मपत्री, कॉमरेड मोनालिसा, सृजन के सहयात्री, मेरे हमक़लम।। व्यंग्य-संग्रह : राग मिलावट मालकौंस, तेरा क्या होगा कालिया, नींद क्यों रात भर नहीं आती। सम्पादन : 'भाषा', 'धर्मयुग', 'वर्तमान साहित्य', वागर्थ', गंगा यमुना, नया ज्ञानोदय' पत्रिकाओं के सम्पादन के साथ-साथ बीस से अधिक पुस्तकों का सम्पादन जिनमें प्रमुख हैं, फ़ैज़ की सदी, अमरकान्त संचयन, उर्दू की। बेहतरीन कहानियाँ, हिन्दी की श्रेष्ठ प्रेम कहानियाँ और मण्टो की सदी। कई कहानियों, संस्मरणों का देशविदेश के विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रमों में निर्धारण।। 'गालिब छुटी शराब' का पंजाबी व मलयालम भाषा में अनुवाद।

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