Premchand Ka Aprapya Sahitya - 2 (Volume Set)

Format:Hard Bound

ISBN:978-93-5229-512-8

Author:Kamal Kishore Goyanka

Pages:


MRP : Rs. 4000/-

Stock:Out of Stock

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Kamal Kishore Goyanka

Kamal Kishore Goyanka प्रेमचन्द के जीवन, साहित्य, विचार तथा पाण्डुलिपियों के अध्ययन, अनुसंधान और आलोचना को आधी शताब्दी अर्पित करने वाले, इनके सम्बन्ध में सर्वथा नवीन अवधारणाओं के संस्थापक तथा उनकी भारतीयतावादी समग्र मूर्ति के अन्वेषक तथा देश-विदेश में ‘प्रेमचन्द स्कॉलर’ के रूप में विख्यात; प्रेमचन्द पर तथा अन्य हिन्दी लेखकों पर 27 पुस्तकें प्रकाशित। कुछ प्रमुख पुस्तकें: ‘प्रेमचन्द के उपन्यासों का शिल्प-विधान’; ‘प्रेमचन्द: विश्वकोश’ खंड-2); ‘प्रेमचन्द: अध्ययन की नई दिशाएँ’; ‘प्रेमचन्द: चित्रात्मक जीवनी’; ‘प्रेमचन्द का अप्राप्य साहित्य’ खंड-2); ‘प्रेमचन्द: अनछुए प्रसंग’; ‘प्रेमचन्द: वाद, प्रतिवाद और संवाद’; ‘प्रेमचन्द: कहानी रचनावली’ खंड-6); ‘प्रेमचन्द की कहानियों का कालक्रमानुसार अध्ययन’; ‘गाँधी: पत्राकारिता के प्रतिमान’; ‘हिन्दी का प्रवासी साहित्य’; ‘प्रेमचन्द: कालजयी कहानियाँ’। दिल्ली विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त होकर साहित्य-साधना में संलग्न। वर्तमान में केन्द्रीय हिन्दी संस्थान, आगरा के उपाध्यक्ष पद पर हैं।

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